हरेकृष्ण गोयल,

मांट।संगीतमयी नाटक लेखन में महारत हासिल करने वाले राजकीय महाविद्यालय माँट के अंग्रेजी विषय के सहायक प्रोफेसर डॉ. दीनदयाल ने वर्तमान सत्र में दो दर्जन से अधिक नाटक लेखन, निर्देशन और मंचन कर साहित्य क्षेत्र मे एक नया इतिहास रचा है।
कई देश इनकी साहित्य प्रतिभा का पहले से ही लोहा मान चुके हैं, वह वर्ड यूनियन ऑफ पोइट्स इटली में हाई काउंसिल सदस्य हैं। इनके द्वारा वर्तमान सत्र में लिखित, निर्देशित और मंचित नाटको में वातावरण संरक्षरण एवं स्वच्छता, रंगभेद, मानवाधिकार, टीकाकरण की आवश्यकता, आदर्श चरित्र अनुसरण, विधवाओं की दयनीय स्थिति, महिला सशक्तिकरण, नाशाखोरी एवं रुढ़िवादिता उन्मूलन, भारतीय संस्कृति संरक्षण, मतदाता पंजीकरण जागरूकता, जीवन में सही मार्ग का चुनाव, सकारात्मक द्रष्टिकोण, समाज की तीसरी आँख एवं योग की जीवन में आवश्यकता इत्यादि सम्मलित हैं। इनके द्वारा रंगभेद पर पुस्तक पर इन्हइंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी है। भोपाल में मार्च में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड संस्था ने इन्हें सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया है।
डॉ. दयाल ने बताया कि अब तक देश विदेश की दर्जन भर से अधिक संस्थाएं उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं।






