सुरेन्द्र चौधरी
बलदेव:-हौशला में उड़ान हो तो बंदिशें उन्हें रोक नही सकती फिर उसके लिए भले ही कितनी ही समस्या ही क्यों न हो । ऐसा ही कर दिखाया विकास खण्ड बलदेव के एक छोटे से गॉव के रहने वाले मानवेन्द्र ने । मानवेन्द्र के बाबा एंव अन्य परिवारी जन बलदेव के गांव नाहर गढ़ी के रहने वाले है। और यह गाँव आज भी अपनी मूल भूत समस्याओं से दूर है। फिर भी मानवेन्द्र ने अपनी लगन और मेहनत से 2016 में हुए पी सी एस परीक्षा उत्तीर्ण की उन्हें लेबर कमिश्नर बने है। मानवेन्द्र शुरू से ही पढ़ने में काफ़ी होशयार है । और 12 वी में उन्होंने जिला टॉप किया । इसके बाद मानवेन्द्र ने आई आई टी कानपुर से अपनी पढ़ाई पूरी की इसके बाद उन्हींने अपना लक्ष्य बना लिया कि उन्हें समाज को सेवा करनी है। और फिर उन्हींने पी सी एस की तैयारी शुरू कर दी । 2016 में हुए पी सी एस परीक्षा अपना दम दिखाया है । मानवेन्द्र के पिता वीरेंद्र सिंह कानपुर में रेलवे मे मुख्य टिकिट निरीक्षक है । वीरेंद्र सिह की खुद की इच्छा थी कि वो भी सिविल सेवा में चयनित हो। लेक़िन उनकी ये इच्छा उनके बेटे मानवेन्द्र ने पूरी की । वीरेंद्र के तीन बच्चे है। जिनमे से बड़े बेटे गिरेन्द्र सिविल जज है। और मानवेन्द्र ने अब लेबर कमिश्नर बन अपने पिता और अपने गॉव का नाम रौशन किया है ।






