हरेकृष्ण गोयल

मांट। सर्वेश्वर नारायण अनाथ गोशाला मे उत्तराधिकार को लेकर चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया।रुद्रगिरी और चरन गिरी की संयुक्त रूप से चादरपोशी की गई। 8 फरवरी को गौशाला संस्थापक दिगम्बर नागा बाबा के समाधि लिए जाने के बाद से गौशाला के उत्तराधिकार को लेकर असमंजस चल रहा था। उस दिन से रोज नई अफवाहें जन्म ले रही थी,और बाबा से जुड़े लोग दो सन्तों रुद्रगिरी व चरन गिरी के मध्य बंटते दिख रहे थे। विवाद को देखते हुए प्रसाशन ने वहां अपनी निगरानी तेज कर दी थी। शुक्रवार को बाबा के भंडारे के दौरान इस विवाद के बढ़ने की संभावना के चलते कई थानों का पुलिस बल गौशाला में तैनात कर दिया गया। प्रशासन की सख्ती देखते हुए अलग दिशाओं में चल रहे रुद्रगिरी और चरन गिरी पल भर में एक हो गए। और साधु समाज ने दोनों सन्तों की संयुक्त रूप से चादर पोशी कर दी। रुद्र गिरी औऱ चरन गिरी ने बताया कि उनमें आपस मे कोई विवाद नहीं है। वहीं जॉइंट मजिस्ट्रेट डॉ. राजेन्द्र पेंसिया ने बताया कि सारा मामला शान्ति पूर्वक सुलझ गया है।






