MANT-नागा बाबा की सम्पत्ति को लेकर विवाद गहराया

-रुद्र गिरी और चरन गिरी के मध्य बंटे शिष्य

-पहले हुई पंचायत को सभी ने सिरे से खारिज किया

-भंडारे के बाद तय होगा नाम

हरेकृष्ण गोयल

मांट। आख़िरीकार जिस बात का शक था,वही हुआ अनाथ गोशाला के संस्थापक दिगम्बर नागा बाबा के निधन के बाद उनकी सम्पत्ति का उत्तराधिकारी बनने के लिए विवाद गहरा गया। लम्बी बीमारी के बाद 8 फरवरी को  सीतामढ़ी बिहार के मूल निवासी नागा बाबा द्वारा शरीर त्यागने के बाद से गौशाला व बाबा के नाम अकूत सम्पत्ति को कब्जाने के लिए योजनाएं शुरू हो चुकी हैं।9 फरवरी को बाबा को यमुना किनारे स्थित गौशाला परिसर में उनकी इच्छा के अनुसार भूमि समाधि दे दी गयी थी। पर समाधि का कार्य पूरा होने से पूर्व ही समाधि स्थल से 10 मीटर की दूरी पर ही गुजरात से आये रुद्रगिरी महाराज ने उस वक्त मौजूद बाबा व गौशाला से जुड़े चंद लोगों के अलावा मांट के कुछ लोगों को लेकर एक पंचायत आयोजित की,पंचायत में आनन फानन में रुद्रगिरी को गौशाला व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई,रुद्रगिरी ने स्वयं कहा था कि नागा बाबा ने उनके नाम बसीयत की हुई है। पर समाधि के अगले दिन ही इस पंचायत के निर्णय को बाबा और गौशाला से  कुछ जुड़े भक्तों ने सिरे से नकार दिया,वहीं बाबा के गुरु भाई चरण गिरी भी सामने आ गए।चरण गिरी का दावा है कि उनके नाम भी बाबा ने बसीयत की थी,और बाबा स्वयं चाहते थे कि उनके बाद वह(चरण गिरी) ही सारी व्यवस्थाओं को देखेंगे। बाबा के परिजन भी आये सामने बाबा के शरीर छोड़ने के बाद अब उनके दो भतीजे सुबोध कुमार व गौरी शंकर भी सक्रिय हो गए हैं।जिसमें गौरी शंकर खुल कर रुद्रगिरी महाराज के विरोध में जन समर्थन जुटाने में व्यस्त है।इस कार्य में गौशाला में रह रहे साधू वेश धारी दो लोग भी साथ दे रहे हैं।वहीं रुद्रगिरी से जुड़े लोगों ने भी अपने पक्ष में माहौल बनाने का कार्य शुरू कर दिया है भंडारे के बाद होगा तय गौशाला में सम्पत्ति को लेकर प्रतिदिन बढ़ते विवाद का संज्ञान लेते हुए थाना पुलिस ने नागा बाबा की लाइसेंसी राइफल को थाने में जमा करा लिया है।और प्रभारी निरीक्षक आजाद पाल सिंह ने गौशाला में सभी पक्षों को निर्देश दिए हैं,कि 22 फरवरी को बाबा के भंडारे के बाद ही अब कोई पंचायत होगी।तब तक किसी ने शान्ति भंग की तो कड़ी कार्यवाई की जाएगी। रुद्रगिरी के खिलाफ दी तहरीर स्वयं को नागा बाबा का शिष्य होने का दावा करने वाले गोविंद गिरी ने थाने में तहरीर दी है कि रुद्रगिरी ने उसके कुछ असल कागजात धोखे से ले लिए हैं,जिनका वह दुरूपयोग कर सकते हैं। एक माह पूर्व जताई थी हत्या की आशंका बाबा के भतीजे नोएडा निवासी सुबोध कुमार सिंह ने थाना मांट में तहरीर देकर बाबा की हत्या की आशंका जताई थी,15 जनवरी के अपने अंक में हिंदुस्तान ने इस खबर को “गौशाला सञ्चालक नागा बाबा को जान का खतरा,सुरक्षा की मांग” शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था,जिसमें बाबा के नाम करोड़ों की जायदाद होने का जिक्र किया गया था,बाबा तो अब नहीं रहे पर सम्पत्ति को लेकर विवाद चरम सीमा पर है।बता दें कि नागा बाबा अपने पीछे करोड़ों की सम्पत्ति छोड़ कर गए हैं,जिस पर कई लोगों की नजर गड़ी हुई है।

 

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रिसीवर नियुक्त करने की मांग

बाबा व गौशाला से जुड़े दिल्ली के अलावा अन्य दूर दराज के भक्त गौशाला की सम्पत्ति को लेकर चल रहे विवाद से दुखी हैं।एक ऐसे ही भक्त राजेश मंगल ने गौशाला पर कब्जे के प्रयासों में लग रहे लोगों पर गम्भीर आरोप लगाते हुए,गायों के जीवन।को संकट में बताते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेज कर रिसीवर नियुक्त करने की मांग की है। वहीं गौशाला के अस्तित्व को बचाये रखने और अराजक तत्वों के हाथों में संचालन जाने से रोकने के लिए गौशाला से जुड़े कुछ लोग उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

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