MANT-आखिरकार मांट तहसील को भी मिला आईएसओ प्रमाणपत्र,जॉइंट मजिस्ट्रेट के प्रयास लाये रंग

हरेकृष्ण गोयल

मांट। सात माह की जी तोड़ मेहनत के बाद आखिरकार जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम डॉ. राजेन्द्र पेंसिया की मेहनत रंग लाई,और मांट तहसील अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी,और आईएसओ प्रमाणपत्र हासिल कर लिया।बता दें कि 1 जून 2018 को मांट में पद भार ग्रहण करने से पहले डॉ. राजेन्द्र पेंसिया की अथक मेहनत रंग लाई,जिसके तहत उन्होंने छाता तहसील को आईएसओ प्रमाणपत्र दिलाने में सफलता प्राप्त की थी।

मांट आते ही उन्होंने तहसील की व्यवस्था सुधारने के लिए काम करना शुरू किया। उन्होंने तहसील परिसर के समस्त कार्यालयों के सघन निरीक्षण कर वहां पत्रावलियों का रख रखाव दुरुस्त कराया,तहसील को नो स्मोकिंग जोन घोषित करते हुए जुर्माना शुरू किया एक बार तो एक अधिवक्ता व अपने ही एक कर्मचारी को दंडित किया था।

विकसित किया पूछताछ केंद्र

डॉ. पेंसिया ने अपने कार्यालय के सामने खंडहर हो चुके साइकिल स्टैंड व टॉयलेट को हटा कर पूछताछ केंद्र विकसित किया,यहां पार्क के लिए भी जमीन आरक्षित की,सारे तहसील परिसर को साफ सुथरा बनाये जाने का काम किया,सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।

शिकायत निस्तारण में सुधार

फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण में तेजी आई,अब तक के कार्यकाल में डॉ. पेंसिया ने हर शिकायत की खुद मोनिटरिंग की,वहीं तत्काल निस्तारण के लिहाज से प्रतिदिन तीन से चार शिकायतों के निस्तारण को खुद मौके पर पहुंचे,राजस्व वसूली में भी तहसील अब्बल रही है।

समाज सेवियों ने भी किया सहयोग

शासन से विकास को मिलने वाले पैसे के अलावा तहसील के सौंदर्यीकरण के लिए कई समाज सेवियों की मदद ली गई,वहीं क्षेत्रीय विधायक श्याम सुंदर शर्मा की विधायक निधि से फ़ूड स्ट्रीट जोन स्थापित कराई। वहीं सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यों में भी तहसील के प्रदर्शन बेहतर रहा है। इस जैसे तमाम कारणों के चलते तहसील को आईएसओ प्रमाणपत्र मिला है,गुरुवार को विधिवत रूप से अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन ने इस सम्बंध में पत्र तहसील को भेज दिया है।

सोमवार को होगा कार्यक्रम

आई एस ओ प्रमाण पत्र मिलने के बाद एसडीएम डॉ. राजेन्द्र पेंसिया सोमवार को तहसील के सभागार में कार्यक्रम आयोजित करेंगें।दो दिन पूर्व सीडीओ बलिया के पद पर हुए तबादले को फिलहाल सरकार ने निरस्त कर दिया है। अनुमान है कि अभी तहसील में कुछ विकास कार्य अधूरे होने के चलते उन्हें यहीं रोक दिया गया है। आई एसओ प्रमाणपत्र में सहयोगी बने लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा

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