हरेकृष्ण गोयल

मांट। थाना क्षेत्र के राधारानी बारहमासी रोड पर आवारा पशुओं को लेकर कई गांवों के लोग आपस मे भिड गये। मौके पर पहुची पुलिस ने बडी मुश्किल से समझा बुझा कर उन्हें शांत किया।जावरा गांव के लोगो ने प्रसाशन से आवारा पशुओ को लेकर की शिकायत की थी, जांच मे करीब 200 आवारा पशु जावरा मे घूमते मिले,प्रशासन ने ऊधर ग्राम पंचायत में गोशाला की व्यवस्था होने की बात कह कर वहां भेजने के निर्देश दिये। लेकिन गोशाला मे कोई व्यवस्था न होने के चलते उधर गाव के लोगो ने गायो को भगा दिया। जिधर गाय निकली उधर से ही किसान अपनी अपनी फसलो को बचाने लिए इन पशुओं को भगाने लगे।इसी दौरान राधारानी बारहमासी रोड पर अरुआ, पपरैला, जावरा, नगला बरी,खुर्रम के किसानो से पपरेला, अरुआ ,बहादीन, पीरीमढी के किसान आपस मे भिड गये,मामला तनाव पूर्ण होने की संभावना देखते हुए कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। तो मोके पर भारी मात्रा मे पुलिस बल पहुच गया और समझा बुझा कर मामला शान्त कराया।अरुआ, बहादीन के लोगो का आरोप है कि जावरा साइड के किसान हमारे गाव मे 200आवारा पशुओ को छोडकर जा रहे थे, हमने मना किया लेकिन मानने को तैयार नही थे और छोडकर भाग गये चारो तरफ आवारा पशुओं के झुण्ड नजर आने लगे वही जावरा के किसानो से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि उन्होंने तहसील दिवस मे शिकायत की थी, तो अधिकारियों ने ऊधर गोशाला मे पशुओं को भेजने के लिये कहा। लेकिन गोशाला मे कोई ठोस व्यवस्था नही मिली। पशुओं को लेकर जा रहे ग्रामीणों पर अरुआ गाव के लोगो ने हमला बोल दिया आखिर यह गाय साड भारी मात्रा मे जावरा क्षेत्र मे घूम रहे है गोशाला उधर मे कोई ठोस व्यवस्था नही है आखिर यह जाये तो जाये कहा लोग लठ्ठ मार मार कर इधर से उधर खदेड़ रहे है। आवारा पशुओं को व्यवस्थित तरीके से रखने की सरकारी घोषणाएं फिलहाल हवाई दिख रही हैं,और गौवंश मारा मारा भटक रहा है। प्रभारी निरीक्षक आजाद पाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को समझा बुझा कर भेज दिया गया है,और ग्रामीणों की समस्या से एक बार फिर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है






