– डा मुकेश ने अपने पक्ष को रखने के लिए डीएम से लेकर प्रमुख सचिव तक लिखे पत्र
– सूत्रों के अनुसार बीमारी की वजह से नहीं वरन कार्यवाही के डर से लिया मेडीकल
पीडीयू समाचार

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मथुरा। 21460 शिक्षक भर्ती प्रकरण में कार्यवाही के डर से डायट प्राचार्य डा मुकेश अग्रवाल मेडीकल छुटटी पर रवाना हो गए हैं। हालांकि उन्होने मेडीकल प्रथम तीन दिन का लिया था। इसमें बीमारी को कारण दर्शाया गया। इसके बाद उनहोने फिर तीन बढा लिए है। सूत्रों की मानें तो बीमारी कोई वजह नहीं है। उनके मेडीकल पर जाने से डीएलएड परीक्षाओं में भी इस बार कम सख्ती देखी गई। सूत्रों का कहना है कि फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण में एसआईटी ने चयन समिति को दोषी माना है। एसआईटी कार्यवाही में संलग्न है। सूत्रों की मानें तो कार्यवाही में चयन समिति का बचाव नहीं हो सकता। क्यों कि नियुक्ति में चयन समिति ही अंतिमरूप से अधिकृत होती है। एसआईटी का फंदा कब गले में अटक जाए, इसके बचाव के लिए डा मुकेश मेडीकल लीव पर रवाना हो गए है। यह भी चर्चा है कि उनका मेडीकल और आगे बढ सकता है। हालां कि डा मुकेश ने डीएम से लेकर प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा सचिव और अन्य प्रमुख अधिकारियों को 15 जनवरी को शिकायती पत्र प्रेषित कर अवगत कराया था कि उनके संज्ञान में फर्जी नियुक्ति का प्रकरण आने के बाद उन्होने ही कार्यवाही की संस्तुति शासन को की थी। उनके संज्ञान में खुद यह प्रकरण शुरू में नहीं था। उन्होने ही उनके नाम खोले जो इस खेल मे ंसंलिप्त थे। लेकिन वास्तविक रूप से दोषी भले कोई हो, लेकिन जिम्मेदारी के नाते एसआईटी ने चयन समिति को भी कार्यवाही के दायरे में खडा किया है।






