हरेकृष्ण गोयल
प्राचार्या ने 75 फीसदी उपस्थिति पर दिया जोर

मांट।राजकीय महाविद्यालय में आज दिनांक शनिवार को शिक्षक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन प्रचार्य डा. मीनाक्षी वाजपेयी, अभिभावकों तथा प्राध्यापकों ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।उद्घाटन के पश्चात् हरे कृष्ण गोयल, शंकर लाल आर्य, मुकेश सिंह आदि अभिभावकों तथा प्राध्यापकों ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली, नकलविहीन परीक्षा, पाठ्यक्रम की समरूपता, चरित्र निर्माणोन्मुखी एवं रोजगारपरक शिक्षा के बीच संतुलन आदि मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किये।

अपने सम्बोधन में प्राचार्य डाॅ. मीनाक्षी वाजपेयी ने महाविद्यालय के प्राध्यापकों का संक्षिप्त परिचय देते हुए शिक्षक-अभिभावक बैठक के महत्व एवं इसकी आवश्यकता पर चर्चा की तथा महाविद्यालय में शिक्षण एवं शिक्षणेतर गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए छात्र-छात्राओं की नियमित और न्यूनतम् 75 प्रतिशत उपस्थिति पर बल दिया। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने पाल्य/पाल्या को नियमित रूप से महाविद्यालय भेजें तथा उन्हें शिक्षण के साथ-साथ शिक्षणेतर गतिविधियों में भी सहभागिता के लिए प्रेरित करें ताकि शिक्षा के उद्देश्य–विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास–को पूरा किया जा सके जो एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम संयोजक डाॅ. प्रिया मित्तल ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के प्रति अभी देहात के अभिभावक जागरूक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से शिक्षक व छात्रों के मध्य अच्छा सामंजस्य बना रहता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ दिमाग ही स्वच्छ समाज का निर्माण कर सकता है। कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग के डॉ. सुमित चन्द्रा, डॉ. राजेश कुमार,हरीश वर्मा आदि मौजूद थे।






