हरेकृष्ण गोयल
मांट। जल निगम की शिथलता के चलते मनीका बास गांव पेयजल के लिए तरस रहा है ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिन से टंकी का पानी नहीं मिल रहा है इसको लेकर एसडीएम माट व पुलिस से शिकायत की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव से कोसों दूर तक मीठे पानी पीने की व्यवस्था नहीं है, कई किलोमीटर दूर खेमा के नगला बनी टंकी से पीने के पानी की आपूर्ति होती है और इस टंकी पर तीन कर्मचारी तैनात हैं लेकिन वह समय से आपूर्ति नहीं देते, और पिछले कई दिनों से तो एक बूंद तक पानी नहीं आया है।पशु भी प्यासे है, गाव मे पानी इतना खारी है कि जवान पर रख नही सकते, पीने के पानी को लेकर गांव में आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यहां तीन कर्मचारी घर बैठकर वेतन ले रहे हैं। टंकी पर कोई आता नहीं है जब भी कोई खराबी होती है तो ग्रामीण चंदा करके पैसा एकत्रित कर उसको ठीक कराते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने खेमा के नगला टंकी पर हंगामा काटा और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोई खराबी आने पर चन्दे के पेसै से काम होता है यह लोग चन्दे के पेसै मे से भी शराव का सेवन करते हैं
अगर गांव में कोई शादी विवाह हो तो इनको पानी के लिये सुविधा शुल्क देना पड़ता है,उसी के बाद जलापूर्ति मिलती है
ग्रामीण रवीन्द्र चौधरी, जयवीर ने बताया कि जब यहा पर तैनात कर्मचारी मोरमुकट खपरिया इगलाश निवासी से बात की गयी तो उसने कहा कि विधुत कनैक्शन मे कमी के चलते पानी की आपुर्ति नही हो पा रही है मरम्मत के लिये विभाग से कोई पेसा नही मिलता इसलिये ग्रामीण चन्दा कराकर ही काम करते है और हम तीन लोगो की तैनाती है और आठ आठ घन्टे की ड्यूटी करते है।






