MANT- राजकीय महाविद्यालय में गणतन्त्र दिवस समारोह का आयोजन

 

हरेकृष्ण गोयल

मांट।राजकीय महाविद्यालय में गणतन्त्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसका शुभारम्भ प्राचार्य डाॅ. मीनाक्षी वाजपेयी ने ध्वजारोहण के साथ किया। ध्वजारोहण के पश्चात डाॅ. प्रिया अनिल मित्तल ने गणतन्त्र दिवस के अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. प्रीति गौतम द्वारा ज़ारी संदेश पढ़ा।

इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बी. काॅम. की छात्राओं गुंजन, कुसुम, नीरेश तथा रितु ने राष्ट्र गीत ’वन्दे मातरम्’, झण्डा गान ’विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’,  कौमी तराना ’सारे जहाँ से अच्छा’ और समूह गीत ’हम सब भारतीय हैं’ का सस्वर गायन किया। बी.ए. प्रथम् वर्ष की छात्रा अदिति ने राम प्रसाद बिस्मिल की कविता ’सरफरोशी की तमन्ना’ तथा बी. काॅम. तृतीय वर्ष की छात्रा यामिनी बंसल ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ’ठन गइर्, ठन गई, मौत से ठन गई’ कविता का पाठ किया। बी.एस-सी. प्रथम् वर्ष की छात्रा अश्विनी ने देशभक्ति गीत गाया।

बी.काॅम. तृतीय वर्ष की छात्रा रितु सिंह द्वारा प्रस्तुत गीत ’ऐ मेरे वतन के लोगों’ तथा बी.ए. प्रथम् वर्ष के छात्र रज्जन नायक द्वारा प्रस्तुत गीत ’सलाम उन शहीदों को जो खो गए, वतन को जगाकर जो खुद सो गए’ ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। बी.काॅम. तृतीय वर्ष की छात्रा नीरेश ने ’कदम-कदम बढ़ाए जा’ गीत की प्रस्तुति दी।

अपने सम्बोधन में डाॅ. सुरेन्द्र सिंह ने देश-समाज के हित में संवैधानिक एवं गणतान्त्रिक व्यवस्था को तब तक अधूरा बताया जब तक कि हम अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन न करें। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से पढ़ाई करना छात्र-छात्राओं का प्राथ्मिक कर्तव्य है।

छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डाॅ. मीनाक्षी वाजपेयी ने राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन की औपचारिकता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने राष्ट्र के संतुलित-सर्वांगीण विकास की दृष्टि से संविधान और गणतान्त्रिक व्यवस्था को अनिवार्य बताया तथा इस बात पर विशेष बल दिया कि सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाला राष्ट्र होने के नाते भारत के पास विकास की सर्वाधिक सम्भावना है और इस युवा ऊर्जा को सही दिशा-निर्देश देने का उत्तरदायित्व अध्यापकों एवं बुद्धिजीवियों का है। अन्त में उन्होंने महाविद्यालय प्रांगण में वृक्षारोपण कर स्वस्थ पर्यावरण के प्रति नागरिकों के कर्तव्य का भी बोध कराया।

समारोह का कुशल संचालन डाॅ. प्रिया अनिल मित्तल ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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