हिन्दुस्तान कालेज आफ इंजीनियरिंग में ताईक्वाण्डो फेडरेशन के तत्वावधान में कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
भरत लाल गोयल, न्यूज एडीटर पीडीयू समाचार
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मथुरा।फरह स्थित हिन्दुस्ताल कालेज आफ इंजीनियरिंग में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें दूरदराज से आए कवियों के दिनभर व्यंग्यवाण चले। कार्यक्रम का आयोजन ताईक्वाण्डो फेडरेशनव हिन्दुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी और आगरा की काव्य संस्था शब्दोत्सव के संयुक्त तत्वाधान में हुआ। कवि सम्मेलन में आगरा क्षेत्र के अपर आयुक्त विभागीय प्रतिनिधि सुनील वाजपेयी (सरल जी) विशिष्ट अतिथि रहे।

संस्थान के निदेशक डा राजीवकुमार उपाध्याय ने समस्त अतिथियों व कवियों का
फूलमाला पहनाकर और शाल ओढाकर स्वागत किया। इसके बाद कवि सम्मेलन का आगाज हो गया। धौलपुर के कवि पदम गौतम ने कवि सम्मेलन का संचालन किया। सर्वप्रथम दोहाकार जितेन्द्र गौतम ने अपना काव्य पाठ कर वाही वाही लूटी। ‘‘दोहे की रचना करू, लिखू चरण में चार।
इसके बाद गजलकार राकेश निर्मल ने ‘‘हर किसी के दिल पे अपनी इतनी हिस्सेदारी हो, हम अगर रो दें, हसाना सबकी जिम्मेदारी हो’सुनाया तो श्रोता वाह वाह करने लगे।
अंतर्राष्ट्रीयस्तर पर काव्यपाठ कर चुकीं कवियत्री डॉ. रूचि चतुर्वेदी ने छंद सुनाया‘‘भारत भूखे अमर गीत का एक निराला छंद बनो तो पूरा सभागार तालियां की गडगडाहाट से गूंज उठा।
तत्पश्चात ख्याति प्राप्त व्यंग कार हरेष चतुर्वेदी जी ने व्यंग्यों के माध्यम से गुदगुदाया और लोटपोट किया। पदम गौतम ‘‘प्रेम का किरदार बोल में नहीं सकता, प्रीत का बहुमूल्य सोना हो नहीं सकता, सुनाकर वाही वाही लूटी।
कवि सोम ठाकुर ने , क्या बतलायें तुमने कैसे सांझ-सवेरे देखे हैं, सूरज के ऊँचे आसन पर घने अंधेरे देखे हैं, सुनाया तालियां बजने लगीं। दिनभर चले कवि सम्मेलन का बाहर से आए श्रोताओं ने भी जीभरकर लुत्फ लिया। एक से बढकर एक रचनाओं ने लोगों का जमकर मनोरंजन किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सलीम अहमद रहे।
कविसम्मेलन में आगरा जिला ताईक्वाण्डो एसोसियशन के पदाधिकारी एम.सी. शर्मा, पंकज शर्मा, संस्थान के प्रोफेसर डॉ. विमल कुमार गुप्ता, शंकर ठाकर, संस्थान के खेलकूद निदेशक डॉ. राजेश कहरवार, मनीष गुप्ता, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आये खिलाड़ी एनसीसी विंग के छात्र उपस्थित रहे।






