गोवर्धन,(परीक्षित कौशिक,ब्यूरो चीफ):-

अध्यक्ष,गोवर्धन प्रेस क्लब
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PDU NEWS
हम बात कर रहे हैं आर्ट किंग महेश कुमार की।
अब देश ही नहीं बल्कि विदेश में अपनी चित्रकारी की अनूठी छाप छोड़ चुके ब्रज के चित्रकार महेश कुमार को कला एवं साहित्य के क्षेत्र में पुरस्कार मिला है। उनको देश के प्रमुख चित्रकारों में शामिल किया गया है।

नई दिल्ली के विष्णु डिगम्वर मार्ग हिन्दी भवन में हुए अवार्ड कार्यक्रम में देश के विभिन्न जगहों से 50 बेतरीन चित्रकार एंव सामज सेवियों को सामिल किया गया। जिसमें भारतीय कृतिकार आर्ट कला के किंग महेश कुमार की बेहतरीन रचनात्मक अंगुलियों से राधाकृष्ण पर आधारित बनाई गई पेंटिंग और समाज सेवा के कार्यों के चलते कला और साहित्य का पुरस्कार मिला है। उनका स्वागत गोवर्धन में बासुंरी व्यंजन में किया गया। वे बसौंती गांव के रहने वाले हैं। करीब बीस वर्ष पूर्व 12 वर्ष की उम्र से ही कला कृतियों को उखारने की ललक लिये विश्व प्रसिद्ध चित्रकार रहे मकबूल फिदा हुसैन की चित्रकलाओं को देख महेश कुमार ने हाथों में पेंसिल थामी। उन्हें मथुरा के.आर डिग्री काॅलेज के पूर्व प्रोफिसर रहे कमल कपूर एंव हरिओम भारद्वाज ने महेश कुमार को पेंटिंग के हर विषय में ज्ञान दिया। उनकी माॅर्डन पेटिंग, लघु पेंटिंग वाॅस पेंटिंग, ग्लास पेंटिंग, वाटर कलर, आॅइल पेंटिंग, पोस्टर कलर पेंटिंग, फेब्रिक पेंटिंग, फ्री हेन्ड पेटिंग, भित्ती चित्ररण, वाॅल पेटिंग पेपर आदि हैं। चित्रकार किंग महेश कुमार ने बताया कि कला मानव मन की अभिप्राय, वास्तुकला, मूर्तिकला और चित्रकला से होता है।

कलाकार और हस्तशिल्पी अपनी रचनात्मक अंगुलियों से वही दिखाात है जो वास्तव में सच होता है। जिसकी सुन्दरता दुनिया के विभिन्न चित्रकारों ने अपनी कला से प्रकट की है। प्रकृति और कला का नाता बहुत ही प्राचीन है इनका अस्तित्व ही मनुष्य को जीवंत बनायें रखे हैं। सम्मान करने वालों में गुड्डू शास्त्री, भारत उपाध्याय, प्रशांत आदि थे।






