MATHURA-गोबर के किण्वन से निर्मित मीथेन गैस का उपयोग लाभकारीः भारतभूषण

-नेडा के पूर्व परियोजना अधिकारी ने हिन्दुस्तान कालेज आफ इंजीनियरिंग में नवीनीकरण ऊर्जा पर दिया व्याख्यान

भरत लाल गोयल, चीफ न्यूज एडीटर


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मथुरा। हिन्दुस्तान काॅलेज आॅफ साइंस एण्ड टेक्नोलोजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में नेशनल इकोनोमिकल एण्ड डवलपमेंट अॅथार्टी (नेडा) के पूर्व परियोजना अधिकारी भारतभूषण ने नवीनीकरण ऊर्जा के स्रोत एव ंमहत्व पर अपना विशेष व्याख्यान दिया।
शारदाग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रो. वी.के.शर्मा एवं संस्थान के निदेशक डाॅ. राजीव कुमार उपाध्याय ने पूर्व परियोजना अधिकारी भारतभूषण को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।


व्याख्यान में श्री भूषण ने नवीनीकरणऊर्जास्रोतों की जानकारी दी और गैरपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के भण्डार के बारे में भी अवगत कराया। बायोगैस के सन्दर्भ में गोबर से मीथेन गैस का उपयोग बताते हुए कहा कि इसे ईधन के रूप में घरेलू कार्यों व विद्युत उत्पादन के लिए प्रयोग किया जाता है। मीथेन निर्माण पर चर्चा करते हुए कहा कि बायोमाॅस संयत्र मंे कृषि अपशिष्टों, धान की भुसी, पेड़-पोधों की की पत्तियों अकार्बनिक किण्वन विधि इसका निर्माण संभव है।
उन्होंने का कि फोटो वोल्टेयिक क्रिया से विद्युत उत्पादन कर सकते हैं। तापीय से नहीं। उन्होंने समुद्रतटीय क्षेत्रों में पवनऊर्जा से विद्युत उत्पादन के बारे में बताया। बचत के साथ नवीनीकरण ऊर्जा आधारित तकनीकी प्रयोग पर बल दिया। अंत में मेकैनिकल विभाग के विभागाध्यक्ष पुनीतमंगला ने पूर्व परियोजना अधिकारी भारतभूषण को स्मृति चिन्हभंेट किया।
इस अवसर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के समस्त शिक्षकगण व प्रतिभागी उपस्थित रहे

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