-मथुरा, मेरठ, हमीरपुर, बिजनौर और बुलन्दशहर की डीएम रहीं
-हुसैनगंज सफायर अपार्टमेंट में हुई छापामारी
भरत लाल गोयल, चीफ न्यूज एडीटर पीडीयू समाचार
लखनऊ। देश की तेज तर्रार आईएएस माने जाने वाली बी. चन्द्रकला की मुश्किलें बढती जा रही हैं। बहरहाल वह स्टडी लीव पर चल रही हैं। उनके आवास पर एक खनन के घोटाले के मामले में सीबीआई ने बीते दिन छापामारी की। यही नहीं प्रकरण से जुडे अन्य लोगों के आवास पर छापामारी कर सीबीआई ने माल भी बरामद किया है।
जुलाई 2012 में सपा के शासनकाल में बीचन्द्रकला हमीर डीएम थीं। उनके द्वारा मौरंग खदानों के करीब पांच दर्जन पटटे किए गए थे। पटटों की बैधता को विजय द्विवेदी नामक व्यक्ति ने 2015 में हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। विजय की याचिका के आधार पर हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2016 को आबंटित पटटे अबैध घोषित कर दिए और प्रकरण की जाचं सीबीआई से कराने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता ने प्ली की कि रोक के वाबजूद पटटे आबंटित किए गए। इसके अलावा ई-टेंडरिंग के प्राबधानों का भी पालन नहीं किया गया। अपुष्टसूत्रों के अनुसार सीबीआई ने डीम रहीं बी.चन्द्रकलां के आवास से अहम सबूत भी जुटाए हैं और उनके एक लाॅकर व दो खातों को सील किया गया है। एक रिटायर्ड क्लर्क रामअवतार से दो करोड भी बरामद किए हैं। सीबीआई ने बीते दिन प्रकरण से जुडे 14 ठिकानों पर छापामारी की कार्यवाही की है। इनमें 11 सरकारी सहित कुछ प्राइवेट लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है।
ये हैं सीबीआई की लिस्ट में नाम
बी.चन्द्रकलां आईएएस, आदिलखान, माइनिंग लीज होल्डर,मोइनुददीन जियोलाॅजिस्ट तत्कालीन खनन अधिकारी-इनके आवास से 12 लाख नकद और 1.8 किलो गोल्ड मिला। रमेश कुमार मिश्रा-एमएलसी,दिनेश कुमार मिश्रा- ये रमेश के भाई हैं।रामाश्रय प्रजापति- माइनिंग क्लर्क,अम्बिका तिवारी- ये हमीरपुर के रहनेवाली हैं और रमेश मिश्रा की जानकार हैं। रामावतार सिंह- सीनियरक्लर्क हैं। छापामारी में इनके घर से दो करोड नकद और दो किलो सोना मिला। करणसिंह- इसके यहां भी छापामारी हुई। इनका संबंध रामावतार से रहा। सीबीआई ने इन पर सात पीई के तहत मामला दर्ज कराया था। जिसके तहत बीते दिन कार्यवाही हुई और नोएडा, लखनऊ,दिल्ली, शामली, कौशाम्बी, फतेहपुर, सहारनपुर, सिद्वार्थनगर,हमीरपुर, देवरिया में छापे की कार्यवाही की गई







