भरत लाल गोयल
मथुरा। रविवार को अचानक मौसम में परिवर्तन आ गया। इससे मौसम में ठंड की तीव्रता बढ गई। लोग घरों में भी ठिठुरते और छुपते नजर आए। रविवार को सुवह से ही मौसम खराब रहा। धूप के दर्शन नहीं होने से ठंड मौसम में घुलती चली गई। लोग गर्म कम्बल ओढे हुए नजर आए। गरीब अपने आशियानों में भी ठिठुरते रहे। तापमान 12 से भी नीचे चला गया। दूसरी ओर सर्दी के बढते मिजाज के बीच ठंड के बादामों की ढकेल जगह जगह सजीं नजर आईं। शाम ढलते ही इन ढकेलों पर करछुलों की आवाज उठने लगी है। देर रात तक जलती आग पर मूंगफली के तपने की महक यदाकदा महसूस होने लगी है। मथुरा शहर के बीचों बीच होलीगेट पर जहां इक्कादुक्का मूंगफली की ढकेल दिखती थीं, अब इनकी संख्या में काफी इजाफा हो गया है। भूतेश्वर रोड, डीगगेट, मथुरा दरवाजा, महोलीरोड, वृन्दावन रोड और कलेक्ट्रेट आसपास मूंगफली की ढकेल और ठंड में उनके आसपास लोगों की भीड दिख जाएगी। एक ढकेल वाले ने बताया, साहब, यही मौसम उनकी कमाई का आता है। ज्यों ज्यों ज्यादा ठंड बढेगी तो उनकी आमदनी भी बढेगी। वह बताता है कि थोक में वह कच्ची मूंगफली खरीदकर लाता है। उनको ढकेल पर आग उगलती भटटी पर गर्म कर दुगने रेट में बेचा जाता है। फरह, गोबर्धन, छाता, मांट, नौहझील और बल्देव और राया जैसे कस्बों में भी ठंड के बादामों का कारोबार जोर पकडने लगा है। कारोबार तो छोडिए जनाव, शाम ढलते ही तमाम लोग इन ढकेलों के इर्दगिर्द कंपकपाते हुए खडे नजर आते हैं। वे सिकती मूंगफली के बीच अपनी ठंड को भी दूर करने का प्रयास करते हैं।







