- निजी स्कूलों में भी नहीं लगे अभीतक माइक्रोफोन
- इस बार अधिकारियों की शह से मिल सकता है नकल को जन्म
भरत लाल गोयल,पीडीयू समाचार
मथुरा। शासन और माध्यमिकशिक्षा बोर्ड के नियमों को धता बताकर मथुरा में कई सरकारी इंटरकालेजों को परीक्षा केन्द्र न बनाकर निजी स्कूलों को इस श्रेणी में खडा कर दिया है। इससे लगता है कि अधिकारियों की मंशा नकल रोकने से ज्यादा उसको शह देने की है।
शासन के नियमों में साफ था कि पहले जीजीआईसी को केन्द्र बनाया जाएगा। तत्पश्चात एडेड इंटरकालेजों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद निजी स्कूल परीक्षा केन्द्र बनेंगे। जनपद में इस बार तमाम जीजीआईसी और एडेड बिधालयों को परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया है। फरह और परखम के दो जीजीआईसी को केन्द्र निर्धारण की परिधि से बाहर कर दिया गया है, जबकि ये इंटरकालेज मुददतों से परीक्षा केन्द्र बनते आ रहे थे। इन केन्द्रो पर एक एक हजार परीक्षार्थियों की सख्यां रही है। इसी तरह फरह के एडेड बिधालय सेठप्रेम सुखदास को भी परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया है। इसके पीछे तो अधिकारियों के पास यह तर्क है कि जेडी ने दो वर्ष पूर्व नकल के आरोप में डिबार कर दिया था, किन्तु इस बात के बाद में स्कूल प्रधानाचार्या ने सबूत भी जेडी और डीआइओएस को साक्ष्य दिए कि बिधालय में नकल नहीं हो रही थी







