- ग्रामीणों से सही और पात्र लोगों तक राशन पहुंचने के लिए मांगे सुझाव
- कई नवीन जानकारियां भी टीम ने ग्रामीणों से कीं शेयर
भरत लाल गोयल, चीफ न्यूज एडीटर
फरह। झंडीपुर में बीते दिन केन्द्र सरकार की 5 सदस्यीय टीम ने गांव में वितरण होने वाले गरीबों के राशन का निरीक्षण किया। टीम ने दुकान के अभिलेख देखे और उपभोक्ताओं से भी पूछा। कहीं उपभोक्ताओं को राशन कम तो नहीं तोला जा रहा, इसकी भी उन्होने जांच की। कम्प्यूटराइज्ड कांटे का मापन किया। प्रमाणित रसीद स्टाॅक जांच की गई।
तत्पश्चात टीम के सदस्यों ने राशनडीलर सुजान सिंह से जानकारी हासिल की। सदस्यों को राशन संबंधी खास शिकायत नहीं मिलीं। इसके बाद उन्होने 15-20 बिन्दुओं पर ग्रामीणों से सुझाव भी मांगे। इसके तहत ग्रामीणों से पूछा गया कि यदि राशनकार्ड खो जाता है तो उसे कैसे बनवाया जाए। ताकि उपभोक्ता को नुकसान नहीं हो। इसके अलावा ग्रामीणों से पूछा कि गांव स्तर पर एक राशनसमिति का भी गठन होता है। उसकी जानकारी है या नहीं। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि उनको बिल्कुल नहीं पता है कि समिति कहां है और उसमें कौन कौन लोग शामिल हैं। फिर टीम ने यह भी पूछा कि राशन पर सरकार नकद सब्सिडी देने जा रही है। सब्सिडी को बैक के माध्यम से उपभोक्ता को दे या सीधे कैश दे। इस पर ग्रामीणों ने बैंक अकांउट में स्थानान्तरित करने की बात कहीं। राशन की गुणवत्ता के साथ राशन वितरण की जानकारी के बारे में भी टीम ने ग्रामीणों से पूछा। राशन न मिलने की स्थिति में टोल फी्र नम्बर पर शिकायत दर्ज कैसे कराएं , इसकी भी जानकारी प्रदान की गई। टीम के अलावा ब्लाॅक के अधिकारी और कर्मचारी व जिला आपूर्ति निरीक्षक प्रीति सिंह और ग्राम प्रधान फौरन सिंह भी मौजूद रहे।







