- हाईवे के निर्माण के कारण फरह जीजीआईसी पर गिरी गाज
- परखम जीजीआईसी में बाउंड्रीवाल निर्माण को उचित नहीं माना
भरत लाल गोयल, पीडीयू समाचार
फरह। इस बार फरह के दो सरकारी स्कूलों पर बोर्ड परीक्षा केन्द्र न बनने की गाज गिरी है। इससे परीक्षा केन्द्रो के निर्धारण पर अगुली उठ रहीं हैं।
नकल रोकने की दिशा में सरकारी स्कूलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। यह भी किसी से छुपा नहीं है कि नकल की संस्कृति को निजी स्कूलों ने बढावा दिया है। परीक्षा केन्द्र बनवाने तक सेटिंग की जाती रही थी। इसके बाद नकल के नाम पर परीक्षार्थियों से पैसे ऐंठे जाते थे। यह भी जाहिर है कि स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने के बाद भी नकल का खेल निजी स्कूलों में नहीं थमा। क्यों कि कैमरे कक्षों में लगाए गए। नकल माफियाओं ने अपने आदमी कमरों के गेट या विंडों के सहारे खडे कर नकल को खुलकर बोलबोल कर कराया। यानी नकल रोकने के सरकारी प्रयासों पर पानी फेर दिया। नकल रोकने का जो भरोसा बचा था, सरकारी नुमाइंदों ने इस बा रवह भी खत्म कर दिया। क्षेत्र के दो जीजीआईसी को इस बार बोर्ड परीक्षा केन्द्र न बनाकर। माना जा रहा है कि परखम जीजीआईसी में मानक के अनुरूप बाउंड्रीवाल निर्मित नहीं है। जब कि वर्तमान बाउंड्रीवाल की स्थिति पर पिछली बार कालेज को केन्द्र बनाया गया थ। फरह जीजीआईसी को केवल इस लिए परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया है कि उसकी बाउंड्रीवाल हाईवे निर्माण के कारण टूट सकती है। जब कि दोनों कालेजों में दर्जनों स्कूलों के छात्रछात्राओं केे परीक्षा केन्द्र बनाया जाते रहे हैं।







