– बीजेपी सरकार के अलावा टीम को डीआईजी भी देंगे इतना ही ईनाम
– एसएसपी आगरा की ओर से मिलेगा 25 हजार का ईनाम
– पुलिस महानिदेश को प्रशस्ति चिन्ह देने की गई संस्तुति
भरत लाल गोयल, ब्यूरो प्रमुख
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आगरा। आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र के गांव लालऊ की दशवीं की छात्रा संजलि को सरेराह जिंदा जलाकर मार डालने की सनसनी घटना के बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण का बैज्ञानिक साक्ष्यों के सहित पटाक्षेप कर दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी ने घटना के दूसरे दि नही जहर खाकर आत्म हत्या कर ली थी। पुलिस टीम के स्पष्ट खुलासा पर बीजेपी सरकार की ओर से 50 हजार व डीआईजी आगरा की ओर से 50 हजार तथा एसएसपी की ओर से 25 हजार ईनाम देने की घोषणा की गई है।

एसएसपी अमित पाठक ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि संजलि की हत्या में मृतका के ताउ का लडका योगेश ही हत्यारा निकला है। उसने बडी चतुरता से उसकी हत्या का जाल बुना था। षडयंत्र में उसने थाना जगदीशपुरा गांव कलवारी निवासी अपने मामा का लडका विजय और उसकी बहन का देवर आकाश निवासी शास्त्रीपुरम सिकन्दरा आगरा को शामिल किया। एसएसपी श्री पाठक ने बताया कि घटना से पूर्व कई दिनों से लडकी संजलि की रैकिंग की जा रही थी। योगश ने मीटिंग पाइंटस बनाए थे। घर से जिस बाइक पर चला, उसे दूसरी जगह खडा कर दिया। घटनास्थल पर संजलि को जिंदा जलाने के लिए दूसरी बाइक से आया। अपने कपउे जूते सब बदले। यानी हत्या में दो बाइक प्रयोग की गईं। घटना के स्थल के आगे मीटिंग पाइंट बनाया गया था। जहां वह उन दोनों हत्यारोपियों से मिला। उन्होने बतायाकि पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। योगेश जो ग्लबस और जूते , पेट्रोल की शीशी पहनकर आया था, उसे बाद में मींिटंग पाइंट पर जला दी थीं। पुलिस ने वह साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए हैं। उन्होने बताया कि पूरे बैज्ञानिक साक्ष्य पुलिस ने एकटठा किए हैं। आरोपियों ने खुद स्वीकारा भी है। पुलिस केस डायरी में इन सबको शामिल किया जाएगा और आरोपियों को कडी से कडी सजा दिलाई जाएगी। दूसरी ओर अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग रामशंकर कठेरिया ने भी पुलिस टीम को बधाई दी है और कहा है कि पूरी घटना में संजलि के ताउ का लडका ही मुख्य आरोपी था। बता देंकि 18 दिसम्बर को अपरान्ह 2 बजे संजलि स्कूल से घर लौट रही थी, तभी आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया। चार दिन बाद संजलि ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड दिया था।






