-तहसीलदार सदर ने डीएम को पत्र लिखकर व्यक्त की अपनी व्यथा
पीडीयू समाचार

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मथुरा। सदर तहसीलदार का डीएम को लिखापत्र चर्चा का बिषय बन गया है, जिसमें उन्होने एक अधिकारी द्वारा लगातार किए जा रहे उत्पीडन की अपनी व्यथा को व्यक्त किया हैं। पत्र में उन्होने कहा है कि तीन माह में मुझे गोबर्धन, मांट और सदर तहसील दिखा दीं। मैंने अपने कार्यकाल में अन्य की तुलना में दोगुना न्यायिकवादों का निस्तारण किया। काफी भूमि प्रकरणों की निष्पक्ष जांच की गई। 17 दिसम्बर को आयुक्त आगरा ने मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर तहसीलदार सदर की सराहना की। इसके बाद भी अच्छे कार्य करने वाले की इस व्यवस्था में कोई कीमत नहीं हैं। उसे लगातार प्रताडित किया जा रहा है। उसके न्यायिक अधिकार छीनकर उसे अपमानित किया गया है। इसके बावजूद मेरे खिलाफ मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में मेरे खिलाफ जबरन रिपोर्ट ली जा रही है। मेरी कमियों को ढूंढ ढूंढ कर निरन्तर मुझे अपमानित किया जा रहा है। यदि सत्य का आवाज उठाना बेमानी है तो ऐसी नौकरी से बेहतर मौत है।
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वेतन न मिलने से जवां बेटे को गंवाया
मथुरा। तहसीलदार सदर उमेश चंद शुक्ला ने पत्र में डीएम को अवगत कराया है कि उसको काफी लम्बे समय से वेतन नहीं मिला है। वेतन के अभाव में इसी साल उसके 32 बर्षीय बेटे की मौत हो गई। क्यों कि वेतन न मिलने से परिवार की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। रोजमर्रा के काम प्रभावित हो गए हैं।






