रविवार को मौसम सुखद रहा। सुवह से ही आसमां में धूप नहीं निकली। बादल छाए रहे। ऐसा लग रहा था कि बरसात कब हो जाए, हालांकि बादल डराते रहे। बरसात बनकर पृथ्वी पर नहीं उतरे। मौसम के मिजाज को देखर बिधुत भी आंख मिचौनी का खेल खेलती रही। मौसम का आनन्द लेने के लिए लोग घरों से बाहर भी निकल आए। क्यों कि रविवार होने के कारण छुटटी का भी दिन रहा। वे पिकनिक स्पाट पर आनन्द लेते देखे गए।







