सात माह बाद लौट सका स्लोथ बीयर आगरा के रेस्क्यू सेंटर में
भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार
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आगरा। अंतत रंगीला को जीने की आजादी मिल ही गई। वाइल्ड लाइफ एसओएस के प्रयासों से रंगीला अपने वतन को वापस आ गया।
हुआ यूं कि दिसम्बर 2017 में भालुओं से डांस कराकर मांगने वाले दो लोग भारत से दो भालुओं को नेपाल सीमा में ले गए। वहां वनविभाग के अधिकारियों ने उनको पकड लिया। भालुओं को कांठमांडु के सदर चिडियाघर में रखा गया। वाइल्डलाइफ एसओएस को इसकी भनक लगी तो संस्था के पदाधिकारियों ने भारत सरकार के अधिकारियों के साथ साथ नेपाल के वनविभाग के अधिकारियां से सम्पर्क साधा और भालुओं की मांग। सात माह बाद नेपाल के जान गुडआल संस्था और अधिकारियों के प्रयास से भारत के 19 वर्षीय रंगीला को नेपाल सरकार ने मुक्त करने के साथ ही भारत को सौंप दिया। वाइल्ड लाइफ एनजीओ संस्था स्लोथ बीयर को कीथम स्थित भालू संरक्षण गृह में ले आई। जहां उसका प्राथमिक उपचार भी किया गया। संस्था के सहसंस्थापक कार्तिक नारायण कहते हैं कि हम नेपाल सरकार के प्रति कृतज्ञ हैं। जिसने रंगीला को वापस करने में पूर्ण भूमिका निभाई।






