ममता का आंचल छोड प्यार की डोर संग खिंची चली गई मंजू

– उसके बेटे और बेटी को कौन देगा अब मां का ममत्व
– प्रेमी मानू के साथ कोर्ट ने भेजी महुअन की मंजू


भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार
—————————————–
मथुरा। उसे ममता के आंचल ने बिल्कुल नहीं झिझोरा। पति और सास श्वसुर के प्यार से ज्यादा प्रेमी का प्यार भारी पडा महुअन की मंजू पर। अंतत कोर्ट ने उसकी इच्छा पूरी करते हुए उसे प्रेमी के साथ भेज दिया।
महुअन के घनश्याम पुत्र सेरन ने 2009 में बडे धूमधाम से अपने बडे बेटा श्याम वीर की शादी कोसी खुर्द की मंजू से की थी। कुछ समय मंजू ससुराल में रही। इसी बीच उसके एक बेटा ओजस और बेटी श्रेष्ठी पैदा हुई। अब बेटी आठ साल की है और बेटा छह साल का है। वे दोनों फरह के एक स्कूल में कक्षा एक और यूकेजी में पढने जाते हैं। उन्हे मां के बिछुडने का गम नहीं है। वे दादादादीजी के पास दिनभर खेलने में मस्त ही नहीं व्यस्त भी हैं। बेटी श्रेष्ठी बताती है ि कवह एक माह पूर्व मम्मी के साथ ननिहाल गई थी तो मानू वहां आया था। वह मम्मी को आईसक्रीम भी खिलाता था। ये प्यार के बीज मंजू के अंदर कब से अंकुरित हो रहे थे, यह तो किसी को नहीं मालुम , लेकिन 13 जून को वह बटवृक्ष बनकर सभी के सामने आ गए। जब मंजू ने घर से भागने का कडा फैसला ले लिया। सास श्वसुर और पति की बफा और नन्हे मुन्ने कलेजे के टुकडों के प्यार को ताक पर रखकर वह सदा के लिए ससुराल को अलविदा बोल गई। घनश्याम के घर की वह एकमात्र बहू थी। परिजनों को इसका तनिक भी अंदाजा नहीं था, ि कइस तरह के दिन देखने पडेंगे। मंजू के 164 के बयान सोमवार को ही हो गए थे, लेकिन कोर्ट ने सुपुर्दगी नहीं सौंपी थी। मंगलवार को अदालत ने मंजू को प्रेमी मानू के साथ भेज दिया।
—————————————–
ससुराल में रहकर घंटों बात करती थी प्रेमी से
मंजू  प्रेमी के प्यार को भुला नहीं सकी थी। वह ससुराल में रहकर उससे घंटो फोन पर बातें करती थी। कई बार उसका फोन ससुरालीजनों ने पकड भी लिया था। इस बात पर वह मरने की धमकी देती थी। एक बार उसने घर में ही मरने का नाटक भी किया था। घबराकर परिजनों ने घर के दरवाजों की कुंडिया निकलवा दीं ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*