MATHURA-दो दिन की बरसात से खेत और नाले उफने

– मुददतों से रजवाहों की नहीं हो सकी सफाई

– बरसात के पानी ने सिंचाई विभाग की कमियों पर डाला परदा

 

 

भरत लाल गोयल

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मथुरा। दो दिन बरसात ने शहर की शक्ल बदल दी है। नाले उफनने लगे हैं। देहात में बारिश ने बदइंतजामी की पोल खोल दी है। रजवाहों को मुददतों से साफ नहीं किया था। बारिश ने विभाग के अधिकारियों की गैरजिम्मेदाराना करतूतों पर परदा डाल दिया है।

गर्मी और उमस को देखते हुए बारिश का आकलन तभी से लगाया जा रहा था। यू ंतो बुधवार को दिन में कभी बादलों का प्रकोप हो जाता तो कभी चटक धूप अपने तेवर दिखा जाती। मौसम के गिरगिट की तरह रंग  बदलने के चलते उमस भी रही। लेकिन दो दिनां में उम्मीद से ज्यादा बरसात ने किसानों की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। पानी की आवक देख किसानों को लगने लगा ि कइस बार खेतों में अच्छी फसल हो जाएगी। बहरहाल इस बार पहलीबार इतनी तेज बारिश ने एक ओर बदइंतजामी की पोल भी खोली है। दूसरी ओर खेतों में दो दो फुट पानी भी भर गया है। यही नहीं मथुरा के ज्यादातर रजवाहे पानी के लिए तरस रहे थे। उनकी सिल्ट सफाई तक नहीं कराई गई थी। एक माह पूर्व फरह के गांव महुअन में कमिश्नर ने चौपाल कार्यक्रम में खुद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह में रजवाहों की सफाई कराने और पानी  छोडने का निर्देश दिया था। लेकिन उनके आदेश अंधी व्यवस्था में बौने हो गए। अब बारिश ने विभाग के निष्क्रियता को ढक डाला है। बिधायक ठा कारिंदा सिंह शिकायत करते हुए कहते हैं कि क्षेत्र में मुददतों से रजवाहों और माइनरों में पानी नहीं आ रहा है। कई बार उन्होने भी इस बात की शिकायत की। लेकिन बारिश के कारण अब विभाग का निकम्मापन ढक गया है।  निकासी की सटीक व्यवस्था न होने के कारण बर्षा का पानी इधर उधर डोल रहा है।

 

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