– मायके वालों ने फरह थाने पहुंचकर दिया धरना
– ससुरालीजन पुलिस के डर से कर रहे पलायन
भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार
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फरह।

महुअन के श्यामवीर की पत्नी मंजू की हत्या हो गई या प्रेमी के साथ आराम की जिंदगी जी रही है , यह सवाल पुलिस के लिए गुत्थी बन गया हैं। जबकि सूत्रों के अनुसार मंजू की अपने प्रेमी के साथ रहने की सच्चाई सामने आ रही है।
20 जून को महुअन के श्यामवीर सिंह ने अपनी पत्नी मंजू के खिलाफ घर से प्रेमी के साथ भागने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें प्रेमी मानवेन्द्र सहित उसके तीन अन्य दोस्तों को भी नामजद किया गया था। पुलिस अभी तक प्रेमी व उसके दोस्तो से इस प्रकरण के संबंध में पूछताछ तक नहीं कर सकी है। वरन उल्टे मंजू के विकलांग पति श्यामवीर सिंह को एक सप्ताह से थाने में कैद कर रखा है। हालांकि श्याम वीर के मामले में पुलिस मानवाधिकार का उल्लंघन कर रही है। दूसरी ओर मंजू के पिता रनवीर ने अज्ञात महिला के शव को अपनी बेटी के रूप में पहचाना है। उसने पुलिस को ससुरालीजनों के खिलाफ हत्या और दहेज मांगने की एक तहरीर भी दी है। गुरूवार को जाट महासभा के जिलाध्यक्ष डा जेएस जाट के नेतृत्व में मंजू के परिजन फरह थाने पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से धरना दिया। उनका आरोप था कि बेटी के ससुरालीजनों ने उसे मार डाला है। दूसरी ओर मंजू के श्वसुर घनश्याम का कहना है कि उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि उसके पास के गांव बण्डपुरा के युवक से प्रेम संबंध थे। एक रात पूर्व उसकी मोबाइल से बातें हुई थीं और वह गोबर थापने के बहाने घर से गायब हो गई। इस संबंध में रिश्तेदारों और संभा्रत लोगों ने मंजू के मायके में पंचायत भी आहूत की, इसमें प्रेमी मानवेन्द्र की मां ने सच्चाई उगली। बुधवार को घनश्याम के एक रिश्तेदार की प्रेमी के दोस्त नहनू से बातेंं हुई तो उसने बताया कि घटना के दूसरे दिन दोस्त से बाते हुई थी। उसने स्वीकारा था ि कवह मंजू को लेकर आया है। उसके बाद दोस्त मानवेन्द्र का फोन नहीं उठा। बताया गया कि मानवेन्द्र के मोबाइल पर कॉल की जा रही हैं, लेकिन वह किसी का फोन नहीं रिसीव कर रहा है। यदि वह घटना से कोई इत्तफाक नहीं रखता है तो फोन क्यों नहीं रिसीव कर रहा। पंचायत के सामने उसे आने में क्या दिक्कत हो रही है।

पुलिस मंजू के ससुरालीजनों पर ही क्यों दबाव बना रही है, मंजू के प्रेमी और उसके दोस्तों से पूछताछ क्यों नहीं की गई। विकलांग पति श्यामवीर को एक सप्ताह से थाने में क्यों कैद किया है,ये सवाल हर किसी को कोंध रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस के दबाव से उसके ससुरालीजन घर से पलायन कर गए हैं। गांव का घर व पशु एक बृद्व के हवाले है। पशु भूख से रम्हा रहे हैं। आखिर उनको चारा कौन खिलाए!
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