– दो परिवारां के विरोधाभास में उलझी पुलिस बनी कूप मंडूक
– बिकलांग को पांच दिन से थाने में बिठाया
न्यूज टीम। पीडीयू समाचार
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फरह। फरह पुलिस दो परिवारों के विरोधाभास पूर्ण पहचान से कूपमंडूक बन गई है। अंतत वह अभी तक कोई न्यायोचित फैसला नहीं ले सकी है। जबकि गायब महिला के बिकलांग पति को पांच दिन से थाने में ही रोका है। परिजन मानवाधिकार आयोग के साथ बिकलांग बोर्ड को भी शिकायत करने का मन बना रहे हैं।
गौरतलब हो एक सप्ताह पूर्व महुअन के श्याम वीर पुत्र घनश्याम की पत्नी मंजू घर से रहस्यम परिस्थितियों में गायब हो गई थी। परिजनों के अनुसार वह गोबर लेकर नौहरे पर गई थी। वहां से वह फिर वापस नहीं लौटी। मंजू के श्वसरु घनश्याम और पति श्याम वीर का कहना हैकि महिला के कोसीखुर्द के समीप वंडपुरा के एक युवक से प्रेम संबंध थे। उसके साथ ही महिला गायब हुई है। इस बावत श्यामवीर ने 20 जून को थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। इसी बीच कारब के माइनर में एक महिला का शव मिलने से सनसनी उस समय और ज्यादा फैल गई, जब अज्ञात महिला के शव की पहचान पिता रामवीर ने अपनी बेटी मंजू के रूप में की और कहा कि यही मेरी बेटी है। जब कि दूसरी ओर ससुरालीजन पहचान करने से इंकार करते रहे। ससुरालीजनों का कहना है कि मंजू के पिता की नीयत कभी ठीक नहीं रही। वह गलत तरीके से उनको परेशान करना चाहता है। मंजू के बाएं हाथ पर गोदना से नाम लिखा था। पुलिस दो परिवारों के विरोधी बयानों से पेशोपेश में है। अंतत अब न्यायोचित जांच में डीएनए परीक्षण से बिलम्ब हो सकता है।






