– दिन में अवला जूडो, कराटे सीखकर बन रहीं सबला तो शाम हो रही सांस्कृतिक कार्यक्रमों से रंगीन

– रविवार को कवि सम्मेलन ने लुभाया हर किसी को
भरत लाल गोयल, चीफ एडीटर पीडीयू समाचार
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दीनदयालधाम। फरह के समीप छोटे से गांव नगला चन्द्रभान की पहचान एकात्मवाद के प्रणेता की जन्मस्थली के कारण अन्तर्राष्ट्रीय हो गई है। यहां आए दिन वीवीआईपी लोगों का जमावडा देखा जा सकता है वरन संास्कृतिक कार्यक्रमों की नगरी के रूप में भी इस गांव की पहचान बनती जा रही है। अभी स्मारक समिति पर महिलावर्ग का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन चल रहा है, इसमें ज्यादातर टीचर्स जुडी हुई हैं। कार्यक्रम का कार्डिनेशन टीचर रीना सिंह कर रही हैं।

शिविर के तीसरे दिन शाम को मधुकर सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा ने हर किसी को लुभा दिया। कवि सम्मेलन में दूर दूर से आए कवियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर डाला। सभागार को रंगीन लाइटस से सजाया गया तो लगा कि मानो दूसरा लोग दीनदयालधाम की धरा पर उतर आया हो। इसके अलावा संास्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। सुवह के सत्र में अध्यापिकाओं ने रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया तो दूसरे सत्र में जूडो करोटे सीखकर अपनी रक्षा का संकल्प लिया। सांध्य सत्र में योग पर विशेष बल रहा । ग्रांउड में महिलाओं को योग के लाभ बताने के साथ ही योग करने की विधि भी बताई। यह भी बताया गया कि योग करने ये स्वाथ्य लाभ मिलता है। बीमारियां दूर भागती हैं। शिविर महिला मातृमंडल के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। सोमवार की सुवह महिला मातृ मंडल का कस्बा स्थित पथवारी मन्दिर से पथ संचलन हुआ। इसका उदघाटन स्मारक समिति के निदेशक राजेन्द्र सिंह व फरह चेयरमेन केके पचैरी ने किया। इस मौके पर महिलाओं के अलावा कस्बे के सैकडों लोग भी मौजूद थे।






