– एसडीएम ने कानूनगो के नेतृत्व में चार लेखपालों की गठित की थी टीम

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भरत लाल गोयल, न्यूज पीडीयू
फरह। ब्लाॅक के गांव झंडीपुर में एसडीएम सदर और गांव प्रधान के प्रयासों से मुददतों से माफियाओं के चंगुल में फंसी गौचर भूमि को अंतत राजस्वटीम ने अभियान चलाकर मुक्त करा दिया। साथ ही भूमि को वृक्षारोपण हेतु वनविभाग को भी हेंडओवर कर दिया गया है।
झंडीपुर पंचायत में पांच एकड से ज्यादा गौचर भूमि पर मुददतों से भूमाफियाओं का कब्जा था। गांव प्रधान फौरन सिंह ने पूर्व में भी कई बार इसकी शिकायत प्रशासन से की थी, लेकिन हर बार ढाक के तीन पात परिणाम निकल कर सामने आ जाते। किन्तु प्रधान ने हार नहीं मानी और 15 मई को तहसील दिवस में शिकायत की । शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। एसडीएम सदर क्रांतिशेखर ने कानूनगो घमंडीलाल के नेतृत्व में लेखपाल ओमप्रकाश, रामनिवास, कालीचरन और ज्ञानदास की पांच सदस्यीय सर्वेक्षण टीम गठित की। टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए गाटासंख्या 03 व 05 की पांच एकड गौचर भूमि को भूमाफियाओं के चंगुल से तुरन्त मुक्त कराकर पंचायत को सौंप दिया। इस कार्यवाही से माफियाओं में हडकम्प मच गया। पंचायत ने पांच एकड उक्त जगह को वनविभाग को वृक्षरोपण हेतु लीज पर दे दिया है। प्रधान श्री सिंह ने बताया कि अबैध कब्जाधारियों की भूमि पचास वर्ष पहले यमुना की खादरों में समा गई। उन्होने मौका देखकर पंचायत की भूमि पर कब्जा कर लिया। प्रधान ने बताया कि शाहपुर और गढाया सीमा से लगी पंचायत की गौचर भूमि पर भी वहां क ेलेखपालों की मिलीभगत से माफियाओं ने कब्जा कर लिया हैं। उक्त भूमि को खाली कराने का भी प्रयास किया जाएगा।
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वर्जन
पंचायत की गौचर भूमि पर लम्बे समय से माफियाओं का कब्जा था। एसडीएम की पहल पर राजस्वटीम ने पांच एकड भूमि को मुक्त करा दिया है।
फौरनसिंह, प्रधान झंडीपुर
प्ंचायत की शिकायत पर राजस्वटीम गठित की गई थी। सर्वेेक्षण के बाद उक्त भूमि को खाली करवाकर पंचायत के सुपुर्द कर दिया गया है।
क्रांतिशेखर , एसडीएम सदर मथुरा






