तीन महिला, पांच पुरूष सहित कु आठ को किया जा चुका है गिरफ्तार
-24 अगस्त की सुबह 4ः30 बजे सीसीटीवी में कैद हो गई थी चोरी की घटना
–घटना में हॉस्पीटल के संचालक डाक्टर दंपति सहित पांच महिला, तीन पुरूष की संलिप्तता सामने आई
देवेंद्र गोस्वामी प्रधान संपादक, सत्य प्रकाश निगम ,PDU समाचार

मथुरा। हाथरस के गैंग ने मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म आठ से 24 अगस्त की सुबह 4ः30 बजे बच्चे का अपहरण किया था। जीआरपी, एसओजी आदि की संयुक्त कार्यवाही में बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है। बच्चे को फिरोजाबाद से बरामद किया गया है। इस पूरे प्रकरण में पांच महिलाएं और तीन पुरुष अभी तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें गिरोह के सदस्य दीप कुमार, पूनम, मनजीत, विमलेश, डॉक्टर प्रेम बिहारी, डॉक्टर दयावती, कृष्ण मुरारी और विनीता अग्रवाल है। पूरे प्रकरण में चिकित्सक दंपति की केन्द्रयी भूमिका सामने आ रही है। वहीं अपने बच्चे को पाकर माता पिता अपनी खुशी जाहिर करते हुए पुलिस को धन्यवाद दिया। मामले की जांच जारी है। बच्चा के अपहरण की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। आरोपी मथुरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म से बच्चे को उठा कर मौके से फरार हो गया था। इस दौरान बच्चे की मां सो रही थी, पुलिस ने बताया था कि प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर एक महिला राधा पत्नी करण निवासी ग्राम प्रखंड थाना फरह जिला मथुरा अपने सात महीने के मासूम को लेकर सो गई थी। स्टेशन में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि देर रात एक शख्स स्टेशन पर आया और फिर उसने आसपास देखा, महिला को सोता देख आरोपी बच्चे को उठाकर वहां से निकल गया। तब से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। एसपी जीआरपी मोहमद मुस्ताक ने मुताबिक हाथरस निवासी बांके बिहारी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर दम्पत्ति आर्थिक लाभ के लिये मानव तस्करी, बच्चा चोरी करने से लेकर बेचने तक का एक संगठित गिरोह चलाते हैं, जिसमें गैंग के कुछ लोग बच्चे चोरी करते हैं। कुछ लोग निसंतान दम्पत्ति जो बच्चा चाहते हैं ऐसे ग्राहकों को तलाशते हैं। इसके ऐवज में मोटी रकम वसूली जाती है। पुलिस के मुताबिक ये लोग मुख्यतः लावारिस बच्चों को चोरी करके बेचते रहे हैं, परंतु जब कोई लावारिस बच्चा नहीं मिलता है, तो रेलवे स्टेशन बस स्टैण्ड आदि स्थानों पर छोटे बच्चों की रैकी कर, बच्चे के माता पिता से नजर बचाकर बच्चे की चोरी कर लेते हैं।
●एक लाख 80 हजार में बेच दिया था बच्चा
विमलेश, पूनम (एएनएम) का कार्य करती हैं। उन्हें इस प्रकार के ग्राहक आसानी से मिल जाते हैं। यह काम ये लोग कई सालों से कर रहे है। 24 अगस्त को रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन से इस बच्चे को हाथरस निवासी दीप कुमार द्वारा चोरी किया गया था, जिसे इन लोगों ने फिरोजाबाद निवासी दम्पत्ति विनीता अग्रवाल पत्नी कृष्ण मुरारी अग्रवाल को एक लाख 80 हजार रुपये में बेचा था।
बरामदगी को लगाई गई थीं छह टीमें
जीआरपी पुलिस द्वारा शातिर चोर के फोटो सोशल मीडिया पर पहचान के लिए वायरल किए गए थे। बच्चे की बरामदगी के लिए छह टीमों का गठन किया गया था, जीआरपी और आरपीएफ पुलिस ने कई जगहों पर दबिश भी दी थी। पुलिस एक के बाद एक कड़ी जुड़ती चली गई और उसके बाद पुलिस ने फिरोजाबाद से मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
200 सीसीटीवी खंगाल, 800 किलोमीटर दौड़ पुलिस बच्चे को तलाश पान आसान नहीं था। छह दिन में बच्चे की तलाशी के लिए पुलिस ने 200 सीसीटीवी कैमरे खंगाल डाले और 800 किलोमीटर की दौड़ भाग की। रेलवे पुलिस ने फिरोजाबाद में भाजपा पार्षद और उनके पति पूर्व सभासद कृष्ण मुरारी अग्रवाल को भी अरेस्ट कर लिया है। पूछताछ में पार्षद दंपति ने बताया कि उनके कोई बेटा नहीं था। एक नर्स के जरिए उन्होंने इस बच्चे को खरीदा था। उन्हें नहीं पता था कि यह बच्चा चोरी का है।






