फरह:दीनदयाल धाम में नशे की बड़ती प्रवत्ति को देखते हुऐ, दीनदयाल धाम के निवासी शिव शंकर शर्मा, जो कि वर्तमान में उप महाप्रबंधक, एन एच पी सी भारत सरकार,फरीदाबाद में कार्यरत है, उन्होंने ग्रामीण प्रेमचंद पाठक, राजेश शुक्ला तथा दिनेश गोड़ के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान की टीम बनाकर शुरुआत की। पूरी टीम ने दि चार जून से लेकर दस जून तक एक़ सप्ताह गांव प्रति मोहल्ले व गली में जाकर दीनदयाल धाम में नशे से ग्रस्त लोगों के साथ बैठके आयोजित की गई। इस टीम ने नशे से होने वाले शारीरिक, आर्थिक तथा सामाजिक तौर पर होने वाले नुकसान से लोगों को अवगत कराया। बेठको में नशे से ग्रस्त लोगों को , नशे से मुक्ति पाने के लिए , योग के महत्व को समझाया । बैठकों में लोगों को बताया गया की प्राणायाम के द्वारा किसी भी तरह के नशे से मुक्ति दिलाई जा सकती है। बैठकों में लोगों को प्राणायाम करवाया गया तथा साथ ही कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताया गया की घरेलू नुस्खों से भी नशे को त्यागने में बहुत सहायता मिलती है।

दीनदयाल धाम में नशा मुक्ति अभियान में सात बैठके आयोजित की गई। जिसमे नशे से ग्रस्त हर उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया। बैठकों के अंत में सभी लोगों ने आज के बाद भविष्य में नशा न करने की की भी शपथ खाई। वर्तमान में दीनदयाल धाम में युवा वर्ग में नशे की आदत बहुत ज्यादा तादात में बड़ती जा रही है। यहां का युवा वर्ग गुटका, तंबाकू, शराब, स्मैक व गांजा का बहुत ज्यादा आदी हो चुका है।
ज्ञात रहे की दीनदयाल धाम, पंडित दीनदयाल उपाध्यायजी की जन्मस्थली होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर गांव की पहचान है। जिसमे समय समय पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई एवं वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व अनेकों गणमान्य व्यक्ति दीनदयाल धाम में भ्रमण कर चुके है। पंडित दीनदयालजी की स्मृति में प्रतिवर्ष एक मेले का भी आयोजन किया जाता है। नशा मुक्ति बैठकों में यह निर्णय लिया गया है कि जो व्यक्ति नशे से अपने आपको पूरी तरह मुक्त कर लेगा, उनको पंडित दीनदयालजी के मेले में पुरस्कृत भी किया जायेगा।






