फरह: 50 नकाबपोशों ने बोला घरों पर हमला, दरवाजे व खिड़कियां तोड़ी, मीट खरीदते समय विवाद के दौरान ग्राहक को मारा था चाकू
पुलिस चाहती तो दूसरे दिन बवाल टल सकता था

देवेन्द्र गोस्वामी
फरह। कस्बे में दूसरे दिन भी हिन्दू मुस्लिम विवाद नहीं थमा। लगभग 50 नकाबपोश लोगों ने बदले की आग में कस्बे के व्यापरियन मोहल्ले में धाबा बोल दिया। घरों के दरवाजे, खिड़कियां आदि तोड़ डाली। रास्ते में जो भी मिला क्षतिग्रस्त कर डाला। लगभग आधा घंटे तक नंगा नाच हुआ। डर से मुस्लिम छुप गए। जब नकाबपोश उत्पात मचा कर निकल गए तो मुस्लिम युवकों ने हिन्दू मोहल्ले में तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंची पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा। बाद में आसपास के थानों और चौकियों से भी पुलिस बल बुला लिया।
रविवार को चिकन खरीदते समय दुकानदार ने पैसों के विवाद में ग्राहक को चाकू मार दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया। लेकिन लोगों के दिलों में बदले की आग प्रज्वलित हो रही थी। मौका मिलते ही लगभग 50 नकाबपोश हाथों में डंडा, हॉकी और सरिया लेकर मुस्लिम मोहल्ले में घुस गए। जमकर तोड़फोड़ की। जो भी रास्ते में मिला, उपद्रवियों का शिकार हो गया। घरों के दरवाजे, खिड़कियां और शीशे तोड़ दिए। एक टेंपो, स्कूटर भी क्षतिग्रस्त कर दिए। जैसे ही नकाबधारी तोड़फोड़ के बाद निकले तो मुस्लिम युवक हिन्दू मोहल्ले में घुस गए और काफी देर तक तांडव मचाया। मौके पर पहुंचे सीओ रिफाइनरी और भारी तादाद में पुलिस बल ने स्थिति को काबू किया।
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पुलिस चाहती तो दूसरे दिन बवाल टल सकता था
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पुलिस चाहती तो दूसरे दिन के बवाल को टाला जा सकता था। विवाद रविवार की शाम को हुआ। मामला सीधे हिन्दू मुस्लिम के बीच था। उसी दिन पुलिस कड़ी कार्रवाई करती और दोषियों को जेल भेजती तो सोमवार को कस्बे में जो तांडव हुआ, शायद वह नहीं होता। पर पुलिस ने किया उलट । पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों के मध्य सुलह करा दी। तनाव के मद्देनजर मोहल्ले में पुलिस बल तैनात करना भी लाजिमी नहीं समझा।






