अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो

फरह।देवेन्द्र गोस्वामी
रेलवे फाटक वाले हनुमान मंदिर में भागवत सप्ताह में
आखिरी दिन सुदामा कृष्ण प्रसंग चला। गरीब और असहाय सुदामा द्वापर भगवान कृष्ण से मिलने पहुंचते हैं। एक पोटली में तदुल ले जाते है, किंतु शर्म की वज़ह से भगवान को दे नहीं पाता। भागवत किंकर पंडित श्री कृष्ण गौड़ शास्त्री ने कहा कि भगवान से कुछ भी अछूता नहीं हो सकता। सुदामा ने भगवान से चोरी की तो बुरे दिन देखने पड़े। इससे पूर्व रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया। बीच बीच में भजन संकीर्तन पर श्रोता झूमते रहे। श्रोता शाम तक भगवत कथा का रस पान करते रहे। इस मौके पर जितेंद्र पचोरी, मनोज अग्रवाल ,ओम प्रकाश शर्मा ,बृजेश पचौरी, पप्पू शर्मा, हीरा शर्मा, अरविंद सारस्वत , मनोज सारस्वत, राम प्रकाश पाठक, मुकेश शर्मा, बंटू शर्मा , प्रतिक दीक्षित, नितिन दिक्षित, भूपेंद्र शर्मा , लक्ष्मीकांत पचोरी , सत्येंद्र उपाध्याय आदि आचार्य गण मौजूद रहे।






