प्रदेश के 150 परिषदीय विद्यालयों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
देवेन्द्र गोस्वामी
मथुरा। शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान उ०प्र० प्रयागराज में आयोजित छह दिवसीय राज्य स्तरीय अनुभूति/ हैप्पीनेस पाठ्यचर्या विकास पर आयोजित कार्यशाला में अनुभूति/ हैप्पीनेस पाठ्यक्रम विकास पर चर्चा करते खुशी क्या है ? यह कैसे मिलती है ? इसके लिए हमें किस प्रकार के समझ की जरूरत है ? यह हम सभी को चाहिए, लेकिन हमें यह समझने की भी आवश्यकता है। क्या हम इस समझ के साथ जी पा रहे हैं की खुशी हमें निरंतर मिलती रहे या क्षणिक खुशी के लिए ही सब कुछ कर रहे हैं। आदि विषयों को लेकर परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम विकसित करने पर प्रदेश के चयनित 32 शिक्षकों ने विचार विनिमय कर योजना का फ्रेम वर्क तैयार किया। कार्यशाला में मथुरा से मुकेश शर्मा, जयवीर सिंह और परमवीर सिंह ने प्रतिभाग किया गया। जनपद मथुरा के दस परिषदीय विद्यालयों सहित 15 जनपदों के 150 विद्यालयों में हैप्पीनेस का पाठ्यक्रम बतौर पायलट प्रोजेक्ट एक अलग विषय के रूप में पढ़ाया जायेगा।
सीमैट प्रयागराज से कार्यशाला में प्रतिभाग कर मथुरा वापस आये शिक्षक मुकेश शर्मा ने बताया कि पाठ्यचर्या में उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अनुभूति/हैप्पीनेस पाठ्यक्रम हेतु उत्तराखंड, दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ में संचालित इसी प्रकार के पाठ्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। अलग-अलग दिवस में अलग-अलग प्रकार के विषय बिंदुओं पर चर्चा के माध्यम से पाठ्यचर्या की समझ विकसित करने का खाका तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि सोशल इमोशन एंड एथिकल लर्निंग के नाम से यह पाठ्यक्रम अधिकांश देशों में प्रारम्भ हो चुका है। भारत में भी यह कई राज्यों में विभिन्न नामों से शुरुआती दौर में संचालित हो रहा है। उत्तर प्रदेश के परिवेश के मुताबिक इसे अनुभूति/हैप्पीनेस नाम से पाठ्यक्रम के विकास में सरकार प्रयत्नशील है।
हैप्पीनेस कार्यक्रम उ०प्र० के सदस्य मुकेश शर्मा ने बताया कि कार्यशाला प्रतिभागियों की स्पष्टता एवं क्षमता संवर्धन के लिए रखी गयी थी। सरकार या विभाग जो भी नीति तय करेंगे तदनुसार आगे कार्य किया जाएगा। हैप्पीनेस कार्यक्रम जनपद मथुरा सहित आगरा, वाराणसी, देवरिया, गोरखपुर, सिद्धार्थ नगर, प्रयागराज, अमेठी, अयोध्या, लखनऊ, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, झांसी एवं चित्रकूट में प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगा। प्रत्येक जनपद के कक्षा एक से पांच तक 10 परिषदीय विद्यालयों सहित पूरे प्रदेश में 150 विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट रूम में हैप्पीनेस पाठ्यक्रम संचालित की जाने की योजना है। कार्यशाला में मुकेश शर्मा, जयवीर सिंह और परमवीर सिंह को डॉ० सौरभ मालवीय, प्रदेश प्रभारी अनुभूति/ हैप्पीनेस कार्यक्रम एवं विशेषज्ञ श्रवण कुमार शुक्ल ने प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यशाला में डॉ० सुत्ता सिंह, निदेशक, सीमैट, प्रयागराज, डॉ० सौरभ मालवीय, प्रभारी अनुभूति/हैप्पीनेस कार्यक्रम उ०प्र०, कार्यशाला में उ०प्र० उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ० ईश्वर शरण विश्वकर्मा, लोक सेवा आयोग उ०प्र० के सदस्य डॉ० हरेश प्रताप सिंह तथा माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग उ०प्र० के सदस्य डॉ० दिनेश मणि त्रिपाठी आदि ने मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण हैप्पीनेस कार्यक्रम के विशेषज्ञ एवं संदर्भदाता श्रवण कुमार शुक्ल, कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन प्रयागराज के प्रवक्ता पवन कुमार श्रीवास्तव, जय प्रकाश ओझा, पवन कुमार श्रीवास्तव एवं मदन पाण्डेय ने संयुक्त रूप से दिया।






