फरह।देवेन्द्र गोस्वामी
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत कुछ सालों में कैंसर का सबसे बड़ा देश होगा। इसलिए गौमूत्र की बहुत आवश्यकता है। गौमूत्र की आवश्यकता की पूर्ति के लिए गौपालन करें।

उक्त विचार रमाकांत उपाध्याय प्रांत गौ संवर्धन प्रमुख ने किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कई गौ अनुसंधान केंद्र खोले गए हैं। गाय का मल- मूत्र खेती में बहुत उपयोगी है। इसके गोबर से बनी जैविक खाद फसल के लिए बहुत ही लाभदायक है। गाय के दूध, घी, मट्ठा का सेवन कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये।
श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर आचार्य संत स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज ने अध्यक्षता करते हुए सभी से आवाहन किया कि सभी को एक गाय अवश्य ही पालनी चाहिए। इससे देश में गौ पालन समृद्ध होगा। मुख्य वक्ता पशु रोग विशेषज्ञ डॉ० पुनीत वार्ष्णेय ने गौवंश को बीमारियों से बचाने, उनके संरक्षण, पालन- पोषण, संबर्धन आदि के विस्तृत जानकारी दी और किसानों की समस्याओं का समाधान किया। डॉ० हरी सिंह भदौरिया, मंत्री कामधेनु गौशाला समिति, दीनदयाल धाम ने गौपालन पर जोर देते हुए कहा कि गौमाता स्वावलंबी है।
इससे पूर्व अतिथियों के द्वारा पं० दीनदयाल उपाध्याय के चित्रपट के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पार्चन कर भावांजलि अर्पित की गई। तत्पश्चात सभी अतिथियों का पटका एवं प्रतीक भेंट कर सम्मान किया गया।
किसान गोष्ठी में निदेशक सोनपाल, राजवीर दीक्षित ग्राम्य विकास प्रमुख ब्रज प्रान्त, मुकेश खंडेलवाल, प्रो० डॉ० तेजपाल सिंह, प्रो० शिवराज भारद्वाज, नरेंद्र पाठक, हरेन्द्र सारस्वत सर्व व्यवस्था प्रमुख, प्रचार मंत्री मुकेश शर्मा, प्रमिला, वेदप्रकाश, राजेन्द्र शर्मा, राजदर्शन पचौरी, मुकेश कौशिक, शरद जोशी, आकाश रावत, गोपीनाथ, सुरेश आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।
धन्यवाद ज्ञापन स्मृति महोत्सव समिति अध्यक्ष अशोक टैंटीवाल ने एवं संचालन महामंत्री डॉ० कमल कौशिक ने किया।






