-कुत्ते भी खीच रहे थे मासूम को
-लोकलाज के डर से छोड़ गई कोई कुँवारी माँ
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भरत लाल गोयल, पी डी यू समाचार
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फरह। सोमबार को बरारी चौराहा के समीप सर्विस रोड के किनारे कोई अभागिन माँ नवजात शिशु को पटक गई | ग्रामीणों को पता लगा और उन्होने पुलिस को सूचना दी | मौके पर जब तक पुलिस पहुंची, तब तक नवजात मौत की नींद सो चुका था | कोई अभागिन माँ लोकलाज के डर या भय से नवजात को अपनी मौत मरने के लिए सड़क पर छोड़ गई होगी, लोग इस तरह का कयास लगा रहे हैं | क्यूँ छोड़ा, किन परिस्थितियों में छोड़ा, यह तो परमात्मा जानता होगा या फिर जनक | लेकिन इतना जरूर है कि जिस माँ ने अपने इस बच्चे को मरने के लिए रोड पर छोड़ा है, बहुत निन्दनीय है जिसको समाज व कानून तो दूर परमात्मा भी कभी माफ नहीं करेगा | लोगों को इस घटना का पता लगा तभी पुलिस को सूचित कर दिया था मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी रिफाइनरी उत्तम चंद पटेल ने स्थिति को भापा और कोशिश की कि नवजात की सांसे लौट आए, किंतु ऎसा नहीं हो सका | लोग उस निर्दयी माँ को जरूर कोस रहे थे, जिसने अपने कलेजे के टुकड़े को सड़क पर फेंक कर दरिंदगी का शिकार बना दिया | उस निर्मोही माँ को जरा भी मासूमियत पर रहम नहीं आया| पुलिस का कहना है कि नवजात को समाज या लोकलाज के डर से फेंका गया है |






