– 30 फीसदी पर खरीदता था लूटे गए माल को, पुलिस ने बचाया
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भरत लाल गोयल, पीड़ियू समाचार

हाथरस | लूट का माल खरीदने वाले सर्राफ की कोर्ट ने तीसरी बार जमानत याचिका खारिज कर दी है | स्वर्णकार लूटे गए सोने चांदी और अन्य जेबरात को तीस फीसदी की रेट से खरीदता था | पुलिस भी उसका बचाव कर रही थी | बता दें कि हाथरस में नवलगढ़ रोड स्थित विमल भारद्वाज के घर से बदमाशों ने बीते दिनों दिन दहाड़े लूट की थी | पुलिस ने भले ही पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए मधुगढ़ी के रईसा को गिरफ्तार कर लिया | इसके बाद घटना से पर्दा उठ गया | लूट में शहर के एक स्वर्णकार का भी नाम सामने आया, किंतु पुलिस उसके नाम को छुपा गई | पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लूट का खुलासा तो किया किन्तु सर्राफ बलवीर सिंह वर्मा के नाम को उजागर नहीं किया | मीडिया में पुलिस की भूमिका पर अंगुली उठने लगी तो आनन फानन में पुलिस ने स्वर्णकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया | पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ मीना ने पुलिस पर लगे आरोपों की जांच अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा को सौंप दी l इधर खुलासे के बाद रईसा मधूगढ़ी निवासी युवक ने लूट की घटना को अंजम दिया था उसने पूछताछ में दबंग सर्राफ बलवीर सिंह वर्मा का नाम उगला | पीड़िता के भाई ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जन जागरूकता समिति के प्रदेश अध्यक्ष
मथुरा निवासी विनोद दीक्षित का कहना है कि दबंग व्यक्ति किसी भी मामले में जेल नहीं गया था l वह क्षेत्र का ही नहीं अन्यक्षेत्रों के बदमाशों से लूट का माल मात्र 30 प्रतिशत पर खरीदता था| उन्होने कोर्ट में अधिवक्ता खड़ा कर जमानत का विरोध किया कोर्ट द्वारा स्वर्णकार की तीसरी बार भी जमानत अर्जी खारिज कर दी |






