पति के बाद पत्नी चंद्रवती की भी हो गई मौत, ग्रामीण मृतक आश्रित को जमीन का पट्टा व नौकरी देने पर अड़े
Pdu samachar
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मथुरा। पहले जोगेन्द्र अब चंद्रवती की मौत के बाद उनके रिस्तेदार-परिजन दोनों की मौत के बदले दोषियों की सजा की मांग को छोड़ प्रशासन के सामने मुआबजे को लेकर अड़ गए | मांग के लिए चन्द्रवती के शवयात्रा को करीब डेढ़ घण्टे का ब्रेक दे दिया गया। जब सुरीर के ही पूर्व प्रधान ने भारोसा दिया कि अगर सरकार ने मृतकों के पुत्र को जमीनी पट्टा नहीं दिया तो वह अपनी निजी जमीन से दो बीघा मृतक आश्रित को देगा, तब जाकर चन्द्रवती की शवयात्रा आगे बढ़ सकी और अन्तिम संस्कार हो सका। दूसरी तरफ पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी के बाद नामजद उसके पिता को भी गिरफ्तार कर लिया है।
मथुरा जनपद के कस्बा सुरीर कलां निवासी जोगेनद्र ठाकुर एवं उसकी पत्नी ने पड़ोसी दबंगों से त्रस्त आकर सुरीर कोतवाली में 28 की सुबह पैट्र्रोल छिड़कर दोनों ने आत्मदाह का प्रयास किया। गंभीर रूप से जले पति-पत्नी को सफदर जंग हॉस्पीटल में दाखिल कराया गया। जहां एक सितम्बर को जोगेन्द्र तथा 6 सितम्बर की रात उसकी पत्नी चन्द्रवती ने दम तोड़ दिया। दोनों के शव गांव लाये गये तो रिश्तेदार-परिजनों ने प्रशासनिक अफसरों ने मृतक दम्पति के पुत्र जगदीश को जमीन का पट्टा, सरकारी नौकरी, नगद मुआवजा की मांग की जिसमें प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब डेढ़ घण्टे बाद चंद्रवती के शव को अन्तिम संस्कार के लिये ले जाया गया।






