86500 का कटा अब तक का सबसे बड़ा चालान

Pdu samachar
———————-


ओडिशा के संबलपुर जिले के रहने वाले ट्रक ड्राइवर का संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के तहत अब तक का सबसे बड़ा चालान काटा गया है। ड्राइवर को 86,500 रुपये का जुर्माना भरने को कहा गया। कहा जा रहा है कि उसने बीते हफ्ते कई सारे यातायात नियमों का उल्लंघन किया है। अशोक जादव नामक ड्राइवर का तीन सितंबर को चालान काटा गया था, लेकिन इस चालान की तस्वीर शनिवार शाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
संबलपुर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ललित मोहन बेहरा का कहना है कि जादव को एक अनधिकृत व्यक्ति को ड्राइविंग करने की अनुमति देने (5,000 रुपये), बिना लाइसेंस के ड्राइविंग (5,000 रुपये), 18 टन की अधिकता के साथ ओवरलोडिंग (56,000 रुपये), गलत तरह से सामान रखने (20,000 रुपये) और सामान्य अपराध (500 रुपये) करने पर दंडित किया गया है। कुल जुर्माना 86,500 रुपये का लगा है लेकिन ड्राइवर ने अधिकारियों से पांच घंटे से भी अधिक समय तक बातचीत करने के बाद 70,000 रुपये का भुगतान किया है। ये ट्रक नागालैंड स्थित कंपनी बीएलए इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का है, जिसमें जेसीबी मशीन भी थी। ये ट्रक अंगुल जिले से छत्तीसगढ़ के तालचेर टाउन जा रहा था। उसी दौरान संबलपुर में अधिकारियों ने इसे पकड़ लिया।
ओडिशा भी उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने एक सितंबर से संशोधित मोटर वाहन अधिनियम को लागू किया है। इसके लागू होने के बाद से पहले चार दिनों में 88 लाख रुपये से अधिक का संग्रह करके देश में सबसे अधिक जुर्माना यहां लगाया
*ट्रक में लेकर जा रहा था JCB, कट गया 86,500*
चालान की कॉपी सोशल मीडिया पर कल से वायरल हो रही है¦
ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर NL01 G1470 नगालैंड का है. हालांकि जुर्माने की रकम 86,500 रुपये थी लेकिन ट्रक ड्राइवर द्वारा कुछ दस्तावेज पेश करने के बाद इसे 70 हजार रुपये पर सेटल किया गया. चालान 3 सितंबर को काटा गया था. 6 सितंबर को सेटेलमेंट रकम भरने के बाद ट्रक ड्राइवर को ट्रक ले जाने दिया गया.
भारी -भरकम जुर्माने का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। यदि कोई व्यक्ति नियमों का पालन करता है तो उसे जुर्माने का भय नहीं होना चाहिए। यह कहना है केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि यदि कोई व्यक्ति यातायात नियमों का पालन कर रहा है तो उसे जुर्माने का डर क्यों? लोगों को खुश होना चाहिए कि भारत में विदेश की तरह सड़कें सुरक्षित हो जाएंगी, जहां लोग अनुशासन के साथ यातायात नियमों का पालन करते हैं। क्या इंसानों के जान की कीमत नहीं है|
जरूरी थे कठोर नियम
गडकरी ने कहा कि कठोर नियम आवश्यक थे। लोग यातायात नियमों को हल्के में लेते थे। उनमें इन नियमों का कोई भय या सम्मान नहीं था। उन लोगों से पूछिये जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में किसी करीबी को खोया है। उनके परिजनों से पूछिये कि उन्हें कैसा लगता है। मैं खुद सड़क दुर्घटना का पीड़ित हूं।
सोच समझकर उठाया कदम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सोच-समझकर उठाया गया कदम है। इसके लिए कांग्रेस, तृणमूल और टीआरएस समेत सभी दलों की सहमति ली गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का जो कोई भी उल्लंघन करेगा, उसे जुर्माना देना ही होगा। चाहे वह केंद्रीय मंत्री है या मुख्यमंत्री, कोई बड़ा अधिकारी है या पत्रकार। कानून नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई करता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*