फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का किया इनाम घोषित
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Pdu samachar
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मथुरा। उपचार के दौरान पति की मौत के बाद अब पत्नी ने भी देर रात्रि में दम तोड़ दिया। कस्बा सुरीर में तनाव पूर्ण माहौल को देखते हुए जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, वहीं मारपीट के मुख्य आरोपी के अलावा अन्य आरोपी फरार हैं। दबंगों के परिजनों द्वारा पीड़ित के चाचा को धमकी दिये जाने के आरोप सामने आये हैं।
कस्बा सुरीर कलां निवासी ईंट भट्टा मजदूर जोगेन्द्र ठाकुर एवं उसकी पत्नी चन्द्रवती ने पड़ोसी दबंगों से त्रस्त होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 8ः30 बजे सुरीर कोतवाली के अन्दर पुलिस की उपस्थित में पैट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। जिन्हें उपचार के लिये सफदर जंग अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया गयाथा। इलाज के दौरान एक सितम्बर को जोगेन्द्र की मौत हो गई। इसके बाद शुक्रवार देर रात 11 बजे चन्द्रवती ने भी अन्तिम सांस लेते हुए दम तोड़ दिया| दूसरी तरफ उक्त घटना में पीड़ित के बेटे जगदीश को न्याय दिलाने में लगे मृतक जोगेन्द्र के चाचा लीलाधर उर्फ गुड्डू ठाकुर को फरार बबलू ठाकुर के परिजनों ने जान से मारने की धमकी देते हुए मृतक दम्पति के बेटे का साथ ना देने की चेतावनी दी है।
धमकी से आतंकित गुड्डू ठाकुर ने कहा कि बबलू ठाकुर के परिजनों द्वारा उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है | जिसकी शिकायत सुरीर पुलिस से की गई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई घटना उसके साथ होती है तो उसके लिये पुलिस जिम्मेदार है। उनका कहना है जोगेन्द्र की मौत के 7 दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं| जिससे दबंगों के हौंसले बुलन्द हैं।इस घटना में जहां उच्च अधिकारी ने सुरीर कोतवाल दो सब इंस्पेक्टर की तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया था वहीं मारपीट कर घायल करने की मृतक दम्पत्ति की रिपोर्ट आनन-फानन में दर्ज कर मुख्य आरोपी सत्यपाल तथा उसके संरक्षण दाता मोहनश्याम शर्मा को 28 अगस्त को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है |
चारों आरोपियों की फरारी के बाद वरिष्ट पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर ने मोहनश्याम शर्मा, बबलू ठाकुर, सिम्मो, थान सिंह पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। दूसरी तरफ आरोपी पक्ष के बचाव में तथा-कथित जातीय संगठनों के ठेकेदार एवं एक राजनैतिक दल के नेता भी बचाव में आ गये हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मोहनश्याम शर्मा, बबलू ठाकुर की दबंगई के सामने कोई भी पीड़ित पक्ष के साथ खड़े होने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है|






