– कोटा कोचिंग में दाखिला कराने ले जा रही थी
Pdu samachar

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अनुसार निजामुद्दीन – त्रिवेंद्रम सेंट्रल सुपर फास्ट एक्सप्रेस के एस-2 कोच में दिल्ली के शाहदरा निवासी दिलीप की पत्नी मीना (Meena), बेटी मनीषा ( Maneesha) और बेटा आकाश (Akash) बर्थ नंबर पर 1, 3 और 4 पर सोए हुए थे। मां-बेटा, मनीषा को कोचिंग के लिए कोटा छोडने जा रहे थे।
तड़के करीब पौने चार बजे मीना देवी टायलेट के लिए उठीं। जब वो टायलेट से वापस आईं तो उनकी सीट पर रखे बैग को बदमाश उठा रहे थे। मीना ने बदमाशों से बैग छीनने की कोशिश की। इसी दौरान मनीषा की भी आंख खुल गई और वह भी बैग को बदमाशों से खींचने लगी।एक बदमाश बैग को लेकर ट्रेन से भागने का प्रयास कर रहा था। इसी खींचातानी में दोनों ट्रेन में गेट के पास पहुंच गईं। बदमाश ने तेजी से झटके के साथ बैग को खींचा और दोनों को गेट से बाहर धक्का दे दिया। वे दोनों ट्रेन से बाहर जा गिरीं और बदमाश उनका कीमती सामान से भरा बैग लेकर कूद गया।
इधर, ट्रेन में हल्ला मचा तो बेटे आकाश की भी आंख खुल गई और उसने लोगों से घटना के बारे में पूछा। जब उसे पता चला कि उसकी मां और बहन को ट्रेन से फेंका गया है तो उसने चेन खींच दी। लेकिन तब तक ट्रेन वृन्दावन रोड स्टेशन पर पहुंच चुकी थी। यह घटना आझई स्टेशन के निकट घटी थी।






