फरह।देवेन्द्र गोस्वामी
डाक्टरों के इलाज से फरह क्षेत्र में होने वाली मौतों का सिलसिला रुक नहीं रहा है। ना कोई डिग्री ना कोई डिप्लोमा।और धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं।
प्रशासन ने भी अपनी आंखें बंद कर रखी हैं।

क बार फिर से फरह में ऐसे ही डाक्टर ने एक दलित गर्भवती महिला की जान ले ली। गांव रैपुराजाट निवासी पंकज की 20 वर्षीय पत्नी मन्नू गर्भवती थी। दो दिन पूर्व डिलीवरी के लिये उसे फरह के हाईवे स्थित मां जगदम्बा क्लीनिक पर भर्ती कराया गया।
दो दिन इलाज के बाद कल दोपहर 3 बजे अचानक उसकी तबियत तेजी से खराब हो लगी। डाक्टर ने परिजनों से उसे आगरा ले जाने को कहा। आगरा ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गयी।

महिला की मौत के बाद परिजन
ने क्लीनिक पर जमकर हंगामा काटा। मौका मिलते ही डाक्टर अपना क्लीनिक बंद कर फरार हो गया।
सामुदायिक केन्द्र फरह के अधीक्षक डा0 रामवीर ने बताया कि मामला संज्ञान में है और दोषी डाक्टर के खिलाफ कडी कार्यवाही की जायेगी। रैपुराजाट चैकी इंचार्ज चन्द्रभानसिंह ने बताया कि कल एक महिला की मृत्यु हुई है मगर किसी परिजन ने कोई तहरीर अभी तक नहीं दी है।
दो दिन से फरह के किसी प्राईवेट अस्पताल में डिलीवरी के लिये भर्ती थी जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी।
महिला की अभी एक वर्ष पूर्व ही शादी हुई थी। अब देखना होगा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोई कार्यवाही भी करता हैं। फरह क्षेत्र के गांवों में भी कई झोलाछाप अपनी दुकान चला रहे हैं।






