इतने महंगे टोल से गुजरने के बाद भी यात्रियों को असुविधाओं का करना पड़ता है सामना

50 डिग्री सेल्सियस के तापमान से जूझ रहे लोगो को कहीं से कोई राहत नहीं मिल रही है।90 से लेकर हजारों रुपये वाहन से टोल बसूलने वाले महुवन टोल यात्री सुविधा के नाम पर जार जार है। यहां यात्रियों और वाहन चालकों के लिए न तो टॉयलेट सुविधा है न पीने के पानी की।टोल से हर रोज लगभग दस हजार वाहन गुजर रहे हैं।टोल बसूली का हर दिन का रिकॉर्ड भी अपने अतीत के रिकॉर्ड को तोड़ रहा है। इसके बाद आप यहां देखेंगे कि पीने के पानी के नाम पर दोनों साइड की 12 लेन में से अंतिम दो लेन में स्टील की 100-100 लीटर वाली पेय जल टंकी तो मुद्दतो से लगी हैं, किंतु उनमें पानी आज तक नहीं भरा गया है।यदि टंकी को चालू कर भी दिया जाए तो वह कितने लोगों की प्यास बुझा पाएगी। क्या अन्य लेन में लगे वाहनो के चालक या यात्री इस लेन में केसे पानी पी सकते हैं,यह हर किसी की समझ से परे है। दूसरे इस आग बरसाती गर्मी में संजोग से कोई वाहन आग की लपटों का शिकार हो जाता है तो यहां आग बुझाने के कोई एहतियात उपाय नहीं है।पूरे टोल पर सिर्फ दो लेन में आग बुझाने वाले सिलिंडर तो रखे हुए हैं, किंतु वे शो पीस बनकर रह गए हैं।इन हालातों में आग की घटना पर यहां केसे काबू पाया जा सकेगा, ये ही जानें।समस्याओं का समापन यहीं नहीं हो जाता, यात्रियों के प्रसाधन संबंधी कोई सुविधा भी यहां मयस्सर नहीं है। टोल इमारत के अंदर कुछ टॉयलेटस बने हैं, जो टोल पर कार्य करने वाले 90 कर्मचारियों के लिए भी संभवत पर्याप्त नहीं है। लोगों का कहना है कि इतना टोल बसूलने के बाद भी यहां जरूरी सुविधाएं मयस्सर नहीं है, इससे बड़ी शर्म की बात और नहीं हो सकती।
-क्षेत्रवासियों में आक्रोश
टोल पर पर्याप्त सुविधा ना होने एवं इमरजेंसी लाइन भी चालू ना होने के कारण क्षेत्रवासियों में नाराजगी है, इसी को लेकर विगत दिनों टोल पर धरना प्रदर्शन भी किया गया था लेकिन पुलिस के आला अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों को समझा कर भेज दिया।टोल पर महिला कर्मचारियों की आड़ में टोल कर्मी एवं टोल अधिकारी राहगीरों पर झूठा मुकदमा लिखवा देते हैं। विगत दिनों ग्राम शहजादपुर प्रधान ठा नंदकिशोर पर भी गाली गलौज एवं बदतमीजी का मुकदमा फरह थाने में दर्ज कराया था जब महिला कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने उनके साथ कोई बदतमीजी ना होना बताया।






