-निजी दुकान में रखी शराब पर एसडीएम,आबकारी का छापा

मांट। यमुना एक्सप्रेस वे पर पकड़ी शराब को एक निजी गोदाम में रखवाना पुलिस के लिए गले की फांस बन गया है। शनिवार को थाना पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस वे पर अवैध शराब की 1000 पेटियां बरामद की थीं।थाने में शराब रखने के लिए जगह न होने पुलिस ने शराब की इन्ही पेटियों को वृंदावन तिराहे पर एक दुकान के पीछे बने एक ग्रामीण के निजी गोदाम में रखवा दिया, परन्तु शराब की अनलोडिंग के दौरान गोदाम के समीप के एक दुकानदार ने शराब के कुछ पव्वा निकाल लिए,जिसे उसने 50-50 रुपये में बेचना शुरू कर दिया। रविवार शाम को किसी ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी को कर दी,जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्रा के निर्देश पर आबकारी निरीक्षक अनंतकुमार मिश्र तत्काल मांट पहुंचे और उन्होंने खुद उस दुकान से 50 रुपये में पव्वा खरीदा। इस पर उन्होंने एसडीएम श्याम अवध चौहान व प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार को भी बुला लिया। आबकारी निरीक्षक ने इस सम्बंध में प्रभारी निरीक्षक से पूछा तो उन्होंने बताया कि थाने में जगह न होने पर शराब को यहां रखवा कर अपना ताला लगाया गया है।आबकारी निरीक्षक ने उनकी दलील को ठुकराते हुए साफ तौर पर कहा कि यह सरासर गलत है,ऐसी शराब को थाने के अलावा निजी जगह पर नहीं रखा जा सकता।उन्होंने शराब को तत्काल वहां से हटा कर थाने ले जाने को कहा वहीं शराब बेचते हुए मिले दुकानदार के मौके से भाग जाने पर उसके खिलाफ कार्यवाही भी की गई। जा सकती थी आबकारी निरीक्षक की नॉकरी गनीमत रही कि शराब की एक हजार पेटियां निजी गोदाम में रखे जाने और उसमें से चोरी की गई नकली शराब को खुले में बेचने की शिकायत केवल डीएम तक पहुंची है,यदि यही शिकायत शासन स्तर पर होती और दूसरे जिले की टीम जांच को आती तो आबकारी निरीक्षक की नॉकरी जा सकती थी।यह बात स्वयं आबकारी निरीक्षक अनंत कुमार मिश्र ने स्वीकार भी की अवैध शराब व उसके वाहनों से भरा पड़ा है थाना यमुना एक्सप्रेस वे पर पकड़े जाने वाली शराब व उसको लादकर ले जाने वाले वाहनों से इस वक्त पूरा थाना परिसर भरा पड़ा है। थाने में हालात यह हैं,कि 100 लोगों के बैठने की भी जगह नहीं बची है आबकारी निरीक्षक ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक ने गैर जिम्मेदाराना कार्य किया है।वहीं एसडीएम ने कहा कि थाना पुलिस को निर्देशित किया गया है,कि तत्काल गोदाम खाली कर शराब को थाने ले जाएं।






