
अलगाववादी नेता मसरत आलम, शब्बीर शाह और आसिया अंद्राबी की न्यायिक हिरासत 12 जुलाई तक दिल्ली की पटियाल हाउस कोर्ट ने बढ़ा दी है। इन तीनों अलगाववादी नेताओं पर आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के इशारे पर जम्मू- कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए टेरर फंडिंग करने का आरोप है। बता दें की इससे पहले पिछली तारीख पर कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को इन तीनों अलगाववादी नेताओं से 10 दिनों तक पूछताछ करने की इजाजत दी थी। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी समाप्त होने पर तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था। रिपोर्ट की माने तो एनआईए ने कोर्ट में कहा कि अभी इन तीनों अलगाववादी नेताओं से पूछताछ करने की जरूरत नहीं है। जांच एजेंसी का तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने मसरत आलम, शब्बीर शाह और आसिया अंद्राबी को 12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रिपोर्ट के मुताबिक आसिया ने खुलासा किया था कि एक पाकिस्तान आर्मी के अधिकारी के मदद से वह आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद के संपर्क में आई थी। इससे पहले 4 जून को एनआईए ने तीनों अलगावादी नेताओं को कोर्ट में पेश कर 15 दिनों की रिमांड पर लेने की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने इससे इंकार करते हुए तीनों को एनआईए की 10 दिनों की रिमांड पर भेज दिया था।






