MATHURA-बिहारीजी की नगरी में तिरुपति बालाजी होंगे विराजमान

– तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर के सीईओ ने वृंदावन में देखी जमीन
भरत लाल गोयल, पीडि़यू समाचार

मथुरा | देश के प्रमुख हिंदू मंदिरों में शामिल तिरुपति बालाजी की इच्छा बांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में विराजमान होने की है। इसके लिए तिरुपति वेंकटेशवर मंदिर के सीईओ ने वृंदावन पहुंचकर मंदिर की स्थापना के लिए जमीन की तलाश की। आंध प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुपति वेंकटेशवर मंदिर हिंदुओं का प्रसिद्ध मंदिर है। तिरुपति को देश का सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों भी माना जाता है।
तिरुमला की पहाड़ियों पर कई शताब्दी पूर्व बना वेंकटेशवर मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला और शिल्प कला का अद्भुत उदाहरण है। कहा जाता है कि 5वीं शताब्दी तक यह एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका था।
तिरुपति वेंकटेशवर मंदिर ट्रस्ट तिरुपति भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली वृंदावन में भी मंदिर स्थापित कर सकता है। पिछले दिनों इसके लिए मंदिर के सीईओ ने वृंदावन का दौरा किया था। यहां मंदिर की स्थापना के लिए जमीन की तलाश भी की। कुछ सरकारी योजनाओं में जमीन देखी तो कुछ प्राइवेट जमीन के लिए संबंधित स्थल देखे।
खासकर वृंदावन स्थित रुक्मिणी विहार में उन्हें जमीन रास भी आई। यहां दो हजार वर्ग मीटर के प्लाट भी देखे हैं। इसके साथ ही नगर निगम की सीमा के बाहर वृंदावन क्षेत्र में ही कुछ और भी स्थल देखे गए। उम्मीद लगाई जा रही है कि भविष्य में यहां तिरुपतिजी के मंदिर की स्थापना हो सकती है।
ब्रज की शोभा बने दक्षिणशैली के मंदिर
भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि में दक्षिण शैली के मंदिर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां बड़ी संख्या में दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में स्थापित मंदिरों की शैली यहां देखने को मिलती है। इसमें प्रमुख रूप से वृंदावन में रंगनाथ मंदिर, राधामाधव दिव्यदेश, वैंकटेश मंदिर, गोदा हरदेव मंदिर, तोताद्रीमठ, छोटा खटला और बड़ा खटला मंदिर शामिल हैै।

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