– अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भी प्रबंधक के खिलाफ किये हैं मुकदमा दर्ज करने के आदेश
-तीन दिन से फरार है आरोपी डालचंद
परीक्षित कौशिक

मथुरा/गोवर्धन:-गोवर्धन के प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर में भेंट चढ़ावा की ठेका राशि में करोड़ों रूपये के गबन में मुख्यमंत्री की शिकायत के बाद सहायक प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जबकि इसी मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट मथुरा की ओर से थाने में मुकदमा के आदेश भी आ चुके हैं।
गोवर्धन थाने में शनिवार को मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर दर्ज मुकदमे में प्रार्थी, गिर्राज सेवा समिति के मंत्री रमाकांत कौशिक ने बताया कि वर्तमान में मंदिर की प्रबंध व्यवस्था मंदिर के सहायक प्रबंधक डालचंद निवासी ग्राम 
आयराखेड़ा थाना राया व हाल निवासी इंदिरा कालौनी सौंख रोड द्वारा वर्ष 2014 से की जा रही है। डालचंद द्वारा अपने कार्यकाल में मंदिर के ठेकों की धनराशि को खाते में जमा न कर बड़ी धनराशि को अपने निजी प्रयोग में ले लिया है। उसने मई 2017 से लेकर जुलाई 2018 तक कुल 13 करोड़ 44 लाख 15 हजार की धनराशि ठेकेदारों से प्राप्त की है। जिसमें उसने 6 खरीद 97 लाख रूपये ही बैंक में जमा कराया है। जबकि शेष 6 करोड़ 47 लाख 10 हजार 500 सौ रूपए धोखाधड़ी करके हजम कर लिया। इसके अलावा मंदिर से ही जुड़े लक्ष्मीनारायण मंदिर के ठेका की 96 लाख 90 हजार रूपये की धनराशि बदनीयती से हजम कर ली है। रमाकांत ने शिकायती पत्र में उल्लेख किया है कि प्रबंधक द्वारा हड़पी गई धनराशि गोवर्धन में तीर्थ स्थल के विकास के लिए चढ़ावे के रूप में दी गई। इस संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

गिरिराज दानघाटी मंदिर के अब तक किये गोलमाल की चल रही है जांच
गिरिराज दानघाटी मंदिर की करोड़ों रूपये की धनराशि के गोलमाल किये जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट मथुरा ने माना है कि धनराशि खाते में जमा नहीं कराई गई। उक्त प्रकरण में न्यायालय द्वारा प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस दिया तो संतुष्ट न होने पर 21 मई को गोवर्धन थाने को न्यायिक मजिस्ट्रेट छाया शर्मा ने समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिये हैं। शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व डीएम व एसएसपी को शिकायत किये जाने के बाद सुनवाई न होने पर मानवाधिकार को अपना पत्र दिया। इस मामले में मानवाधिकार आयोग ने डीएम व एसएसपी मथुरा को नोटिस दिया। डीएम मथुरा की ओर से गोवर्धन एसडीएम नागेन्द्र सिंह द्वारा जांच की जा रही है। जबकि मुख्यमंत्री को दिये गये शिकायतीपत्र पर थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है।






