परीक्षित कौशिक

गोवर्धन। पुलिस विभाग वैसे तो कानून का पालन सुरक्षा शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए होता है । सरकारें बदलती हैं , प्रशासन का रवैया भी बदल जाता है। लेकिन कुछ पुलिस कर्मियों की सोच पुरानी सरकारों के जमाने की बनी रहती है। वह जनता के साथ सद्व्यवहार करने की बजाह दुर्व्यवहार कर बर्तमान सरकार की छवि को धूमिल करने में जुटे रहते है। ऐसा ही कुछ वाक्या गोवर्धन थाने में देखने को मिल रहा है। जहाँ थाने में तैनात एक दो दरोगा व कुछ पुलिस कर्मी सपा बसपा मानसिकता से कार्य कर रहे हैं। आम आदमी से किस तरह व्यवहार करना चाहिए यह तक उन्हें नही पता है । सोमवार को गोवर्धन थाने में तैनात एक दरोगा व पुलिस कर्मी ने एक व्यक्ति विशेष से थाने में ही दुर्व्यवहार कर थाने से भागने को कहा। इस मामले की जानकारी होने पर पत्रकार ने प्रकरण की जानकारी करना चाही तो दरोगा एसपी सिंह ने पुलिसिया हनक दिखाते हुए पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दे डाली। आश्चर्य की बात तो ये रही कि पुलिस अधिकारियों के सख्त आदेश के बाद भी पुलिसकर्मी जनता से सद्व्यवहार करने की बजाह दुर्व्यवहार कर धमका रहे हैं।






