-पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
-9 लाख की लूट की गई थी
पी डी यू समाचार

सहारनपुर- में नागल क्षेत्र के गांव उमाही में सोमवार तड़के वर्दी में बदमाशों द्वारा डाली गई डकैती ने इलाके में सनसनी मचा दी। पुलिस पूछताछ में ढाबा मालिक इरफान ने बताया कि सोमवार तड़के करीब तीन बजे कार से छह लोग ढाबे पर आए। इनमें से दो लोग पुलिस की वर्दी में थे, जो पिस्टल भी लगाए थे। सभी ने ढाबे पर चाय पीने के बाद बाग में रह रहे ठेकेदार शराफत के लोगों पर धावा बोल दिया।
ठेकेदार व मजदूरों को हथियारों से आतंकित करके बदमाश करीब नौ लाख रुपये लूट लिए। लोगों ने शोर मचाया तो वर्दीधारी अन्य बदमाशों के साथ एक कार में सवार होकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुची और जांच पड़ताल की। पूछताछ में लोगों से बदमाशों के साथ पुलिस की वर्दी पहने हुए लोगों द्वारा लूट करने की बात सुनकर पुलिस के पसीने छूट गए।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच-पड़ताल शुरू की। लूट की परतें खुलनी शुरू हुई तो एक बार तो अधिकारी भी सहम गए। पुलिस की टीम आगरा पहुंची और जीआरपी आगरा के इंस्पेक्टर ललित कुमार त्यागी के अलावा बसीर खान पुत्र अफसर निवासी सदर बाजार आगरा और सुभाष शर्मा पुत्र नंदलाल निवासी बोदला- जगदीशपुर, आगरा को गिरफ्तार कर लिया। सहारनपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने मामले में खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के पास से 4,94,500 बरामद हुए हैं। जीआरपी के सिपाही रिंकू और शायर बैग तथा टैक्सी ड्राइवर छोटू अभी फरार हैं। एसएसपी ने बताया कि ये आरोपी देर रात टैक्सी में सवार होकर आगरा से चले और यहां सोमवार तड़के वारदात को अंजाम देकर वापस आगरा पहुंच गए। एसएसपी के मुताबिक सहारनपुर में इनके द्वारा की गई यह पहली वारदात है। जांच-पड़ताल में सामने आया है कि आगरा जीआरपी में इन्होंने खुद को ऑन ड्यूटी दिखाया है। इनका इरादा रात्रि में लूट के बाद वापस जाने का था। इन्हें आगरा से गिरफ्तार किया गया है। यहां से इन्हें कार्रवाई के बाद देवबंद जेल भेजा जाएगा। डकैती के मामले में गिरफ्तार किया गया इंस्पेक्टर ललित कुमार त्यागी बिजनौर जनपद के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित गांव करौंदा चौधर का रहने वाला है। नागल थाना क्षेत्र के गांव उमाही मोड़ के निकट हाईवे पर उमाही निवासी हाजी आबिद के खेत हैं। जहां सड़क पर उसने ढाबा बना कर रुड़की निवासी इरफान को किराये पर दिया हुआ है। ढाबे के ऊपर दो कमरे बने हैं जो उसने बिजनौर निवासी एक ठेकेदार को किराए पर दे रखे हैं। इसी ढाबे की ऊपरी मंजिल पर रह रहे गेहूं की खरीद फरोख्त करने वाले ठेकेदार और उसके मजदूरों को निशाना बनाया गया। हथियारों से आतंकित करके बदमाश करीब नौ लाख रुपये ले गए। वारदात से दहशत में आए ठेकेदार व उसके साथी मजदूर मकान खाली करके चले गए। ढाबे के पीछे ही आम के बाग में आबिद का बेटा जाकिर मकान बना रहा है। उसने भी बिजनौर निवासी शराफत को मकान किराये पर दिया हुआ था। शराफत के साथ 22 लोग रह रहे थे। दोनों ठेकेदार क्षेत्र के किसानों से गेहूं खरीद कर मंडी में बेचने का कार्य करते हैं। ढाबा मालिक इरफान ने बताया कि सोमवार तड़के करीब तीन बजे कार से छह लोग ढाबे पर आए। इनमें से दो लोग पुलिस की वर्दी में थे, जो पिस्टल भी लगाए थे। सभी ने ढाबे पर चाय पीने के बाद बाग में रह रहे ठेकेदार शराफत के लोगों पर धावा बोल दिया।






