अब 15 साल से पुरानी गाड़ी सड़क पर नहीं दिखेगी। ऐसे वाहनों को परिवहन विभाग परमिट जारी नहीं करगा। दक्षिण बिहार पथ परिवहन प्राधिकार इस संबंध में एक नई नियमावली बनाने जा रहा है। प्राधिकार का मानना है कि सड़क पर अभी भी 15 साल से पुरानी गाड़ी चल रही है और इसमें दुर्घटना की काफी शिकायतें मिलती हैं।

जांच के बाद पता चलता है कि दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी काफी पुरानी थी और परिवहन पदाधिकारियों की मिलीभगत से फिटनेस सर्टिफिकेट व परमिट जारी कर दिया गया। खासकर स्कूली बसों में काफी शिकायतें मिलती हैं।ड्ढr ड्ढr पुरानी और खंडहर बसें ही स्कूलों में चलती हैं और उसकी कोई जांच नहीं की जाती है। लेकिन जब कोई दुर्घटना होती है तब खुलासा होता है कि पुरानी बसें ही बच्चों को ढो रही थीं। इसी तरह विक्रम टेम्पू को लेकर भी लोगों की काफी शिकायतें रहती हैं। राजधानी में अभी भी दर्जनों खटारा टेम्पो सड़क पर है और हर माह कहीं न कहीं कोई दुर्घटनाग्रस्त होता है। अब दक्षिण बिहार परिवहन प्राधिकार इन वाहनों पर शिकंजा कसने जा रहा है। प्राधिकार का कहना है कि अगर 15 साल से पुरानी गाड़ी को फिटनेस सर्टिफिकेट व परमिट जारी किया जाएगा तो वाहन मालिक व एमवीआई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।ड्ढr ड्ढr मोटर वाहन अधिनियम उल्लंघन में दो करोड़ वसूलेड्ढr पटना (हि.प्र.)। मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन में पटना प्रमंडल ने दो करोड़ राशि की वसूली की है। प्रमंडलीय आयुक्त रवीन्द्र पंवार ने बताया कि पटना जिला में जुलाई तक 61 लाख, 54 हजार, 103 रुपए, नालंदा जिला में 32 लाख, 78 हजार, भोजपुर जिला में 6 लाख, 2हजार, रोहतास जिला में 21 लाख, 40 हजार, 100 रुपए तथा बक्सर जिला में 21 लाख, 40 हजार रुपए वसूले गए। आयुक्त ने बताया कि अनुश्रवण व जांच कराने के कारण राजस्व वसूली में वृद्धि हो रही है। आरटीए पटना द्वारा बसों, ट्रकों व तीन पहिया वाहनों को परमिट दिया जाता है। इसके लिए आरटीए पटना को जुलाई तक 78.32 लाख का लक्ष्य दिया गया था लेकिन लक्ष्य से अधिक 80.72 लाख की वसूली की गई है। आयुक्त ने सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि मोटर वाहन अधिनियम का पालन करना सुनिश्चित करं एवं नियम का उल्लंघन करने पर दोषी वाहनों को दंडित करं।






