मथुरा। भरतलाल गोयल
जीजीआईसी स्कूलों में निकली एलटी ग्रेड अध्यापकों की 10763 भर्तियों में 2016 में आवेदन करने वालों की उम्र में छूट
देने की मांग जोर पकडने लगी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि राजकीय इंटरकालेजों में एलटीग्रेड क्रम में सन 2016 में 9300 रिक्तियां निकलीं थीं। उनके सापेक्ष उस समय आवेदन किया था। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आवेदन मांगे थे। लेकिन अकेदमिक अंकों की मेरिट आधार पर भर्ती होनी थी। भाजपा सरकार आते ही भर्तियों की जिम्मा लोकसेवा आयोग को देकर लिखित परीक्षा से कराने का निर्णय किया।
बेेरोजगार संघ के बिष्णु, ममता, मनोज सारस्वत दिव्येष मिश्र आदि लोगों का कहना है कि वर्तमान में निकाली गईं एलटीग्रेड की रिक्तियां दिसम्बर 2016 में सपा शासन में निकाली गई थी। इसमें बेरोजगारों का दोष नहीं है। सरकार ठीक दो साल बाद भर्ती प्र्रक्रिया को शुरू कर रही है। हर भर्ती में सामान्य युवाओं को उम्र सीमा में छूट देनी चाहिए।
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30 हजार अध्यापक भर्तियां का सपना
बेरोजगार संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि योगी सरकार सिर्फ घोषणा कर रही हैै। सहायता प्राप्त स्कूलों में जिन 30हजार अध्यापक , प्रवक्ता और प्रिंसीपल भर्तियों की घोषणा योगी सरकार ने की है और अधियाचना आयोग को भेजी है, वे सिर्फ युवाओं को लब्बोलुआव दिखाना है। युवाओं का कहना है कि अगस्त 2016 को माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्डने प्रवक्ता और टीजीटी के लगभग दस हजार पदों पर युवाओं से आवेदन मांगे थे। उनके दस लाख आवेदन फंसे पडे हैं। उन पर कोई फैसला नहीं हो सका है। वरन एक साल से सरकार द्वारा आयोग का गठन किया जा सका है।






